भिंड में चंबल नदी में कूदकर छात्रा पूजा कैन की मौत के मामले ने अब राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। घटना के 24 घंटे बाद भी पोस्टमार्टम न होने से नाराज परिजन और आजाद समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी पीएम हाउस के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। परिजनों का आरोप है कि पूजा की हत्या की गई है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मिल रही जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे पूजा कैन पुत्री अशोक कैन निवासी भिंड शहर, घर से एमजेएस कॉलेज जाने की बात कहकर निकली थी। इसके कुछ समय बाद परिजनों को पुलिस से सूचना मिली कि पूजा की बॉडी चंबल नदी में मिली है। परिवारजन तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस ने रेस्क्यू कर शव बरामद किया। जांच के दौरान पुलिस को नदी किनारे पूजा का पर्स मिला जिसमें शराब की बोतल, पानी की बोतल सहित अन्य सामान मिला। यह सामग्री मिलने के बाद मामला और संदिग्ध हो गया। पुलिस इस मामले में कई एंगल से जांच कर रही है। शाम करीब 4 बजे शव को चंबल नदी से निकालकर भिंड के पीएम हाउस भेजा गया, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। बुधवार दोपहर 2 बजे तक—यानी घटना के 24 घंटे बाद भी—पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इस बीच मृतका के परिजन आजाद समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों के साथ पीएम हाउस के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने अस्पताल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने की मांग की है।परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या का मामला नहीं बल्कि हत्या है, और शव को चंबल नदी में फेंका गया है। इधर, अटेर एसडीओपी रविंद्र वास्कले का कहना है कि प्रथम दृष्टि यह मामला सुसाइड का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।


