टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरीश चंद्र मीना ने सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व को लेकर कहा कि रिजर्व को लेकर कुछ सवाल वन मंत्रालय से किए थे, जिनका जवाब भ्रामक और अधूरा मिला है। सांसद ने मई 2025 में रणथम्भौर टाइगर रिज़र्व में रात्रिकालीन गश्त और कृत्रिम रोशनी का हवाला देते हुए सवाल किया था। जवाब मिलने के बाद उन्होंने कहा कि मैंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू से मिलकर इस मामले की जांच करवाने की मांग की है। हरीश चन्द्र मीना ने लोकसभा में 1 दिसंबर को प्रश्न संख्या 192 पर वन मंत्रालय से मिले उत्तर पर गहरी आपत्ति जताई। जवाब को तथ्यों से परे,अधूरा एवं भ्रामक बताया। वास्तविक घटना का उल्लेख तथ्यों में नहीं किया सांसद मीना ने कहा- मैंने रणथम्भौर टाइगर रिज़र्व में मई महीने में हुई गतिविधियों, रात्रिकालीन सफारी, कृत्रिम रोशनी के उपयोग और NTCA दिशा-निर्देश 2012 के संभावित उल्लंघन के संबंध में जरूरी प्रश्न उठाए थे। लेकिन मंत्रालय ने उत्तर में वास्तविक घटनाओं का और तथ्यों उल्लेख नहीं किया, जिनकी पुष्टि मीडिया रिपोर्ट्स, वीडियो फुटेज और स्थानीय वन्यजीव विशेषज्ञों ने की थी। टाइगर रिजर्व भारत की पहचान सांसद मीना ने कहा- टाइगर संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि भारत की पहचान और गौरव से जुड़ा राष्ट्रीय दायित्व है। ऐसे संवेदनशील विषय पर अधूरा व भ्रामक उत्तर न केवल सदन की मर्यादा को आहत करता है, बल्कि संरक्षण प्रयासों को भी कमजोर करता है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। घटनाक्रम से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें रणथंभौर में नाइट सफारी का वीडियो किया शेयर:केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने लिखा- कल शाम हमारे राष्ट्रीय पशु के इस जोड़े को देखा सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व इन दिनों खासी सुर्खियों में है। यहां पहले बाघिन के शावकों के साथ इंसानों के खेलने का वीडियो सामने आया। जिसके बाद एक युवक टाइगर के सामने रील बनाता हुआ दिखाई दिया था। (पढ़ें पूरी खबर)


