खरगोन जिला चिकित्सालय के एआरटी सेंटर में एड्स नियंत्रण को लेकर एक तकनीकी जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में बीमारी की प्रभावी रोकथाम के लिए रणनीति तैयार की गई और कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। एड्स नियंत्रण के जिला नोडल अधिकारी डॉ. हर्ष महाजन ने कार्यक्रमों की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खरगोन एआरटी सेंटर में 880 एचआईवी पॉजिटिव मरीज पंजीकृत हैं, जो एआरटी सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। डॉ. महाजन ने नए मरीजों को केंद्र से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। नोडल अधिकारी एआरटी डॉ. विनय सिंह चौहान ने पोस्ट एक्सपोजर प्रोफाइलेक्सिस के बारे में जानकारी दी। सिविल सर्जन डॉ. राजकुमारी देवड़ा ने गर्भवती महिलाओं से शिशु में एचआईवी संक्रमण की रोकथाम से जुड़ी जटिलताओं पर प्रकाश डाला। आईसीटीसी के नोडल अधिकारी डॉ. रत्नेश महाजन ने फील्ड में आने वाली बाधाओं को दूर करने और एड्स के प्रति प्रतिक्रिया में बदलाव लाने पर चर्चा की। इस अवसर पर पीयूष शर्मा, महेश चौहान (काउंसलर), विनोद पटेल, उत्तम पाटीदार, शुभम आवास्या (विहान प्रोग्राम टीई परियोजना), सुमित कोठारी और मेट्रन इंचार्ज शांति गाठिया सहित कार्यक्रम से जुड़े अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।


