राजसमंद में आज गलत सोनोग्राफी रिपोर्ट को लेकर गर्भवती महिला सहित परिजनों ने लैब के बाहर हंगामा कर दिया। गर्भवती महिला के परिजनों का आरोप है कि महिला के गर्भवती होने से लगातार सोनोग्राफी करवाई जा रही थी। सोनोग्राफी रिपोर्ट में बच्चा नॉर्मल बताया जा रहा था जबकि महिला की सोनोग्राफी दूसरी लैब में करवाने पर बच्चा एब्नॉर्मल बताया गया। जिससे उनको लम्बे समय से धोखे में रखा गया जिसका खुलासा दूसरी लैब से हुआ। जिसके बाद लैब के बाहर परिजनों सहित स्थानीय नागरिकों ने जमकर हंगामा किया व लैब का लाइसेंस रद्द करने की बात कही। मौके पर पहुंचे चिकित्सा विभाग के अधिकारी ने फिलहाल लैब पर ताला लगा दिया है। राजनगर पुलिस थाना सर्कल में 100 फिट रोड स्थित रेडॉन लैब पर राजनगर निवासी जय सिंह अपनी पत्नी कोमल कंवर के गर्भवती होने के बाद से डॉक्टर की सलाह पर रेडॉन लैब से लगातार सोनोग्राफी करवा रहे थे। इस दौरान उन्होंने 8वें माह की सोनोग्राफी उदयपुर की लैब में करवाई। लैब की रिपोर्ट के बाद उनके होश उड़ गए। जिस बच्चे को अब तक रेडान लैब द्वारा नॉर्मल बताया जा रहा था वही बच्चा एबनोर्मल निकला। नई सोनोग्राफी में गर्भवति महिला की डिलीवरी में कॉम्प्लिकेशन और बच्चे की हालत नाजुक बताई गई। परिजनों को आरोप है कि जब 8 माह से सोनोग्राफी करवा रहे थे तब ये रिपोर्ट क्यों नहीं आई जबकि इस तरह का कॉम्पलिकेशन 3 माह में मालूम पड़ जाता है। इससे रेडान लेब के संचालन को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं। यह घटना शहर में फैलते ही बड़ी संख्या में लोग लैब के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी करते हुए आरोपी लैब संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना मिलने पर राजनगर थाना पुलिस और चिकित्सा विभाग से ब्लॉक ब्लॉक सीएमएचओ राजकुमार कोलिया भी मौके पर पहुंचे। जहां लोगों के आक्रोश को देखते हुए लैब पर ताला लगा दिया गया और पांच सदस्य की कमेटी बैठाकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं गर्भवती महिला के पति ने रेडॉन लैब संचालक के खिलाफ राजनगर थाने पर लिखित रिपोर्ट भी दी है। जांच के लिए बनाई कमेटी
इस मामले को लेकर ब्लॉक सीएमएचओ डॉ राजकुमार कोलिया ने बताया कि सोनोग्राफी की गलत रिपोर्ट को लेकर पीड़ित ने शिकायत की। सोनोग्राफी रिपोर्ट की जांच की जाएगी। लैब की जांच के लिए कमेटी का गठन कर किया है। जो भी रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर जांच की जाएगी। तब तक के लिए लैब को बंद करवाया है।


