समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण (सीआरसी), रांची ने राज्य नि:शक्तता आयुक्त कार्यालय, झारखंड और एलिम्को, रांची के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों के अधिकारों एवं कल्याण के प्रति समाज को जागरूक करना तथा उनके समावेशन को और अधिक मजबूत बनाना था। इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ वर्चुअल माध्यम से जुड़े। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं। उनके अधिकारों और आवश्यकताओं को प्राथमिकता देना तथा उनके लिए बाधारहित वातावरण का निर्माण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। विशिष्ट अतिथि राज्य नि:शक्तता आयुक्त अभय नन्दन अम्बष्ट ने कहा कि आने वाले समय में रामगढ़ और दुमका में भी दिव्यांगता से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम ‘पर्पल फेयर’ आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर नेशनल करियर सर्विस सेंटर फॉर डिफरेंटली एबल्ड के सहायक निदेशक योगेश चन्द्र पारखे भी उपस्थित रहे। सीआरसी, रांची के निदेशक सूर्यमणि प्रसाद ने भी दिव्यांगजनों के प्रति समाज की दृष्टि में सकारात्मक परिवर्तन लाने पर जोर दिया। समावेशी शिक्षा की जरूरत पर हुई चर्चा कार्यक्रम में समावेशी शिक्षा के महत्व पर एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इस चर्चा में सीयूजे के डॉ. सुधांशु शेखर, एनसीएससीडीए के सहायक निदेशक योगेश चन्द्र पारखे, सक्षम फाउंडेशन, झारखंड के अजित कुमार, दशरथ कच्छप, डॉ. प्रीति तिवारी, मो. अली, श्वेता कुमारी शामिल हुए। पैनल चर्चा का समन्वयन सीआरसी के मुकेश कुमार ने किया। विशेषज्ञों ने दिव्यांगजनों के शिक्षा अधिकार, समावेशी शिक्षा की आवश्यकता तथा शैक्षणिक संस्थानों में समान अवसर देने पर विचार व्यक्त किए। दिव्यांग-वरिष्ठ नागरिकों को मिले उपकरण कार्यक्रम के दौरान 150 दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों को लगभग 54 लाख रुपए मूल्य के नि:शुल्क सहायक उपकरण वितरित किए गए। जिनमें बैटरी संचालित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, कृत्रिम पैर, श्रवण यंत्र, कमर बेल्ट, घुटना कैप सहित विभिन्न सहायक साधन शामिल थे। इस अवसर पर दिव्यांगजनों, उनके अभिभावकों तथा सीआरसी रांची के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों के साथ बच्चे। जागरूकता


