गीता जीवन प्रबंधन शास्त्र : डॉ. शैलेश सिटी रिपोर्टर} एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड ने बुधवार को अपने दो-दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ‘एडवांसेज इन कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी’ का शुभारंभ किया। यह आयोजन झारखंड सेंटर फॉर साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सहयोग से हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री सुदिव्य कुमार शामिल हुए। उन्होंने कहा कि रांची में इस प्रकार के कार्यक्रम का होना गर्व की बात है। बदलते परिदृश्य में शिक्षा के क्षेत्र में यह एक अहम विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के दो पहलू होते हैं, एक सीखना और दूसरा पढ़ाई करना। एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड के कुलपति डॉ. अशोक के श्रीवास्तव ने कहा कि यह सम्मेलन समाज के विभिन्न गुणों और आवश्यकताओं पर केंद्रित है। सिटी रिपोर्टर} डीएसपीएमयू के संस्कृत विभाग द्वारा आयोजित गीता सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को मुख्य वक्ता के रूप में राजकीय संस्कृत महाविद्यालय के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेश कुमार मिश्र शामिल हुए। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि गीता जीवन प्रबंधन का शास्त्र है। सफल जीवन यात्रा के लिए इन्द्रियों की विषयों के प्रति भागदौड़ को नियंत्रित करना ही भगवद्गीता का मूलमंत्र है। संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय वासुदेव द्विवेदी ने कहा कि छात्रों को हर समय संयम में रहकर ज्ञान प्राप्ति के लिए तत्पर रहना चाहिए। जैसा व्यवहार श्रेष्ठ जन करते हैं वैसा ही आचरण अन्य लोग भी करते हैं। यही गीता का मूलमंत्र है। इस अवसर पर सर्वोत्तमा कुमारी ने भीष्म स्तुति की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन प्रतिमा चौहान तथा धन्यवाद ज्ञापन मनीषा बोदरा ने किया।


