मुंबई के व्यस्तम इलाके ‘फोर्ट’ में अब झारखंड की कला और कलाकारों को एक नया ठिकाना मिल गया है। चाईबासा में जन्मे और वर्तमान में चांडिल निवासी युवा कलाकार सुजीत पोद्दार ने यहां ‘मंडपो’ नाम से एक कला स्पेस सेंटर की शुरुआत की है। सुजीत, खुद एक मल्टीडिस्पिलनरी आर्टिस्ट हैं। उन्होंने पटना कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स से पढ़ाई के बाद बड़ौदा और मुंबई में अपनी कला को निखारा। उनके इस प्रयास ने बहुत कम समय में ‘मंडपो’ को उभरते कलाकारों के हुनर को मंच देने वाले एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। इस अवसर पर मौजूद प्रख्यात पेंटर हरेन ठाकुर ने सुजीत के प्रयास की सराहना की। मिट्टी की खुशबू… प्रिंट स्टोरीज फ्रॉम रेड सॉइल वर्तमान में मंडपो में ‘प्रिंट स्टोरीज फ्रॉम रेड सॉइल’ नामक प्रदर्शनी चल रही है। यह प्रदर्शनी विशेष है, क्योंकि इसमें झारखंड के ‘सुतारा आर्ट स्टूडियो’ के सहयोग से 9 कलाकारों की कृतियों को प्रदर्शित किया गया है। इन कलाकृतियों को रांची की कलाकार हेमलता ने क्यूरेट किया है। कलाकारों का दिख रहा संगम प्रदर्शनी में वरिष्ठ और युवा कलाकारों का अनूठा मेल देखने को मिल रहा है। झारखंड से रांची के वरिष्ठ कलाकार अजीत दुबे, रामानुज शेखर और विनोद रंजन। छत्तीसगढ़ की अर्चना जैन और ओडिशा की मोना गुप्ता की पेंटिंग यहां प्रदर्शित की गई हैं। युवा कलाकार अभिजीत सिंह, जयश्री सिंह देव और विजय बेनीवाल की पेंटिंग भी लगी हैं। कला स्पेस सेंटर ‘मंडपो’ बना उभरते कलाकारों के हुनर को मंच देने वाला केंद्र कला-संस्कृति


