अमनदीप सिंह | अमृतसर अजनाला के गांव गग्गोमाहल का किसान अंग्रेज सिंह (25) आज भी 27 अगस्त का खौफनाक मंजर याद कर कांप उठता है। उस दिन गांव में अचानक 8-8 फीट तक बाढ़ का पानी घुस आया। परिवार घर की छत पर रातें गुजारता रहा। बाढ़ में अंग्रेज सिंह की 3 गाय बह गईं। पानी 15 दिन के बाद सड़कों से उतरा, लेकिन खेतों में एक महीने तक खड़ा रहा। ज ब पानी कम हुआ तो सामने था, तबाही का ऐसा मंजर, जिसने उनकी जिंदगी की नींव तक हिला दी। घर की दीवारें ढह गईं, बाथरूम की नींव तक निकल गई। घर एक साइड बैठ चुका है और मजबूरी में परिवार आज भी दूसरे कमरे में जैसे-तैसे दिन काट रहा है। अंग्रेज सिंह ने बताया कि बाढ़ के 2 महीने 4 दिन बाद गांव में स्पीकर पर ऐलान हुआ ‘जिसका नुकसान हुआ है, लिखवा दो।’ भागे-भागे पहुंचे। अपने बहे पशुओं का एफिडेविट भरवाई, नुकसान भी बताया मगर अधिकारी ने सिर्फ एक ही पशु का नुकसान दर्ज किया, वह भी उसका जिस पशु की मिट्टी में दबाई हुई फोटो दिखाई। जो पशु बाढ़ में बह गए, उनके लिए कहा ‘फोटो दिखाओ।’ अब बहते पानी में वह क्या फोटो खींचते? वहीं उसे घर के नुकसान के बारे में कहा कि अभी नहीं लिखा जाएगा। अंग्रेज ने बताया कि कुल 3 लाख का नुकसान हुआ है मगर न घर का मुआवजा मिला ना पशुओं और खेतों का। दूसरी तरफ ठेके पर ली गई 7 एकड़ में धान की फसल भी बाढ़ में खत्म हो गई। रोजगार का सहारा था, वो भी डूब गया। वहीं अजनाला एसडीएम रविंदर सिंह अरोड़ा ने कहा कि पशुओं की जांच पशुपालन विभाग, घरों की पीडब्ल्यूडी और फसल की वेरिफिकेशन वह खुद कर रहे हैं। पहले चरण में सिर्फ जमीन मालिकों को राशि दी जा रही है। किराए पर खेती करने वालों की वेरिफिकेशन अभी की जाएगी।


