सरकार की लापरवाही एवं अनदेखी के चलते एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े होने के बावजूद सैटेलाइट बनीपार्क अस्पताल में डॉक्टरों की कमी का खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं। सैटेलाइट अस्पताल होने के बाद भी मरीजों का इलाज एसएमएस और कांवटिया के भरोसे है। हर्निया, अपेंडिक्स, मवाद निकालना, सिस्ट व गाल ब्लेडर जैसे छोटे-मोटे ऑपरेशन के लिए पिछले दो साल से सर्जरी का डॉक्टर नहीं है। नाक, कान एवं गले से संबंधित बीमारियों के लिए ईएनटी डॉक्टर भी नहीं है। यहां सालों से आर्थोपेडिक्स डॉक्टर का पद ही सृजित नहीं है। यानि मरीजों को रेफर करने तक सीमित रह गया है। इसका खुलासा भास्कर की ओर से ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान हुआ। किसके कितने डॉक्टर चाहिए आईसीयू ताले में कैद; बेड खाली पड़े हैं


