पायलट की फ्लाइट रद्द, ऑनलाइन जताया ‘आक्रोश’:मंत्रीजी से बोले नेता प्रतिपक्ष-‘हम एक-एक ग्यारह’; रेस में अकेले दौड़े खिलाड़ी

नमस्कार राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट को गुजरात में कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा में जाना था। लेकिन भारी डिमांड के बावजूद जा नहीं पाए। अलवर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने गृह राज्य मंत्री जवाहर बेढम को पास बैठाया और कानून व्यवस्था पर खरी-खरी सुनाई। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स मजाक बनकर रह गया। जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में खिलाड़ी रेस ट्रैक पर अकेले दौड़े। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. फ्लाइट हुई रद्द, गुजरात नहीं जा सके ‘पायलट’ देश की सबसे पुरानी पार्टी की हालत खस्ता है। चुनाव से पहले पार्टी के आलाकमान नए कलेवर में सामने आते हैं लेकिन नतीजे में कोई बदलाव नहीं होता। उल्टा ग्राफ नीचे। अंता उपचुनाव में पार्टी ने जीत हासिल की है। ऐसे में पार्टी के खेमे में जोश है। पार्टी के नेता पूर्व डिप्टी सीएम इस समय कांग्रेस महासचिव की भूमिका गंभीरता से निभा रहे हैं। उन्होंने सोनिया जी के आलेख को अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया। आलेख में अरावली के अस्तित्व को लेकर चिंता जताई गई है। हो सकता है लिखते वक्त अरावली की जगह दिमाग में कांग्रेस के अस्तित्व की चिंता चल रही हो। खैर, बिहार की उदासीनता को पीछे छोड़ पार्टी अब गुजरात चुनाव पर फोकस कर रही है। सचिन पायलट जी को कांग्रेस ने गुजरात में जन आक्रोश यात्रा के समापन कार्यक्रम में बुलाया था। पायलट साहब 4-5 घंटे एयरपोर्ट पर बैठे रहे, लेकिन फ्लाइट नहीं उड़ी। आखिर फ्लाइट को रद्द कर दिया गया। पायलट साहब ने ऑनलाइन ही संबोधित किया। 2. नेता प्रतिपक्ष ने मंत्रीजी को पास बैठाकर कोसा राजनीति में वह हुआ जो आजकल की राजनीति में कम ही देखने को मिलता है। दो धुर विरोधी दलों के नेता एक निजी कार्यक्रम में पहुंच गए। वहां प्रेमभाव से एक दूसरे को कोसा। हुआ यूं कि अलवर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और गृह राज्य मंत्री जवाहर बेढम एक निजी कार्यक्रम में मिले। दोनों पास-पास बैठे। इस दौरान पत्रकार महोदय मौका पाकर उनके पास पहुंच गए। कानून व्यवस्था का सवाल उठा तो नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रेम से खरी-खरी सुनाई। बोले- मंत्रीजी के पास भी गृह विभाग और सीएम के पास भी गृह विभाग का चार्ज है। दोनों में कॉम्पीटिशन है कि डीग में ज्यादा क्राइम हों या भरतपुर में। मंत्रीजी ने मुस्कुराकर बात टालनी चाही। नेता प्रतिपक्ष रुके नहीं। बोले- एफआईआर दर्ज कराने के लिए एसडीएम तहसीलदार तक को धरने पर बैठना पड़ा है तो आम पब्लिक की क्या हालत होगी? मंत्रीजी को जवाब आ रहा था लेकिन मौका-दस्तूर नहीं था। आखिर नेता प्रतिपक्ष ने ही बात घुमा दी। बोले- बेढम साहब मेहनत कर रहे हैं। खूब भागदौड़ भी करते हैं। पर अकेला व्यक्ति कहां तक मेहनत करे? वैसे हम दोनों भाई हैं। हम एक और एक ग्यारह हैं। 3. खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स बने मजाक सोचिए कि आप मुक्केबाजी की रिंग में उतर रहे हैं। सामने दूसरा खिलाड़ी ही नहीं है। आपको हवा में मुक्के बरसाने हैं और फिर आप विजेता भी घोषित कर दिए जाएं। बस, मेडल नहीं मिलेगा। जयपुर में खेला इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में भी यही मजाक चल रहा है। न खिलाड़ी आ रहे हैं और न दर्शक। रेस के ट्रैक पर खिलाड़ी अकेले दौड़ लगा रहे हैं। ऐसी दौड़ का क्या मतलब जिसमें न कोई आगे और न कोई पीछे। बेचारी खिलाड़ी पसीना बहाकर दौड़े। बाधा रेस पूरी की। लेकिन मेडल के नाम पर ठेंगा दिखा दिया। जिम्मेदार बोले- मेडल तो तब देते जब कम से कम दो खिलाड़ी तो दौड़ते। भले लोगों, जब रेस के लिए दो खिलाड़ी ही नहीं मिल रहे तो क्या दौड़ का आयोजन जरूरी है? खिलाड़ी की कितनी फजीहत हुई। अकेला दौड़ रहा है। रिकॉर्ड बना रहा है। स्टेडियम में सन्नाटा पसरा है। ताली जैसी चीज का नामोनिशान नहीं। खिलाड़ी कब तक धीरज धरे? बाधा दौड़ पार कर रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ी ने भरे स्वर में कहा- दूसरे खिलाड़ी दौड़ने नहीं आए, इसमें मेरी क्या गलती? मुझे तो मेडल देते। 4. चलते-चलते… दूल्हा बने एसपी साहब घोड़ी पर चढ़कर एसडीएम दुल्हन के दरवाजे पर पहुंचे। फेरे लिए और वैवाहिक जीवन शुरू किया। कोटा में रिवर फ्रंट के पास दो बड़े अफसरों की शादी के कार्यक्रम हुए। शादी चर्चा में रही। दूल्हे राजा IPS सुजीत शंकर कोटा ग्रामीण में एसपी लगे हुए हैं। वहीं दुल्हन IAS चारू रामगंजमंडी में एसडीएम लगी हुई हैं। जाहिर है कि घराती-बराती सब अफसर ही अफसर। तो चर्चा होनी ही थी। वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…

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