पन्ना टाइगर रिजर्व में अखिल भारतीय बाघ गणना-2026 की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई है। वन विभाग इस बार यह अभियान पूरी तरह पेपरलेस तरीके से संचालित कर रहा है, जो लगभग चार महीने तक चलेगा। हर ग्रिड में लगाए गए दो-दो कैमरे रिजर्व के 1598.102 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को 620 ग्रिड में बांटा गया है। हर ग्रिड में दो-दो कैमरे लगाए गए हैं, जिससे कुल 1240 से अधिक कैमरा ट्रैप स्थापित किए जा चुके हैं। इन कैमरों के माध्यम से बाघों के साथ-साथ तेंदुआ, भालू, सियार और लोमड़ी जैसे सभी मांसाहारी वन्यजीवों की विस्तृत गणना की जाएगी। वन्यजीवों की गतिविधियों को स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड किया जाएगा और सभी आंकड़े ऑनलाइन भेजे जाएंगे, जिससे डेटा संग्रह अधिक सटीक और तेज होगा। दो चरणों में पूरा किया जाएगा अभियान पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मोहित सूद ने बताया कि अखिल भारतीय बाघ आकलन, जो देशभर में चल रहा है, वह 4 दिसंबर से पन्ना टाइगर रिजर्व में भी शुरू हो गया है। इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में मांसाहारी वन्यजीवों का आकलन किया जाएगा और उनके साक्ष्य एकत्र किए जाएंगे। वर्तमान में, कोर एरिया में कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, जिनसे प्राप्त तस्वीरों के आधार पर मांसाहारी वन्यजीवों की गणना की जाएगी। दूसरे चरण में शाकाहारी वन्यजीवों के साक्ष्य एकत्र किए जाएंगे।


