जिला कलेक्टर अर्तिका शुक्ला गुरुवार को अलवर जिला अस्पताल के निरीक्षण पर पहुंचीं, जहाँ उन्हें दवा वितरण विंडो (DDC) के बाहर गंदगी और कंस्ट्रक्शन का सामान पड़ा मिला। दवाइयाँ लेने के लिए मरीज इसी जगह लाइन में लगते हैं। इस पर कलेक्टर ने पीएमओ और संबंधित इंचार्ज को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि “अभी तुरंत पूरी जगह साफ करवाओ और कंस्ट्रक्शन का सामान हटवाओ, ताकि मरीजों को परेशानी ना हो।” कलेक्टर ने DDC स्टाफ को भी चेतावनी दी कि खिड़की के बाहर गंदगी नहीं रहनी चाहिए, यह आपकी जिम्मेदारी है। इसके बाद उन्होंने पर्ची काउंटर, अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण किया और मरीजों से बात कर उनकी समस्याएं सुनी। शर्दी बढ़ने को देखते हुए मरीजों के लिए बेहतर इंतजाम करने के निर्देश पीएमओ को दिए। 100 बेड वार्ड निर्माण स्थल पर भी नाराज़गी अस्पताल के लिए 100 बेड के नए वार्ड का निर्माण कार्य RSRDC की ओर से किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को वहां भी खुले में कंस्ट्रक्शन मटेरियल पड़ा मिला। कई जगह अनावश्यक सामान भी जमा था। कलेक्टर ने पूछा कि इसे ग्रीन तिरपाल से ढका क्यों नहीं गया? मौजूद कर्मचारी ने जवाब दिया कि “आज ही ढकवा देंगे। इस पर कलेक्टर ने सख्ती दिखाते हुए कहा-आज आपकी पेनल्टी लगेगी। मीडिया से बातचीत में कलेक्टर ने कहा “सामान्य चिकित्सालय में दो–तीन एजेंसियों द्वारा रेनोवेशन का कार्य चल रहा है, इसलिए निरीक्षण जरूरी था। शर्दियों में मरीजों की सुविधाओं को लेकर भी बात की। मरीजों ने अपना अनुभव साझा किया। हीटर चल रहे हैं, लेकिन DDC के बाहर शेड नहीं है और कंस्ट्रक्शन मटेरियल रखा हुआ था—उसे हटाने के निर्देश दिए हैं।
100 बैड के वार्ड का काम धीमी गति से चल रहा है, इसलिए RSRDC को इसे तेज करने को कहा है। राज्य सरकार की मंशा के अनुसार ठंड के मौसम में मरीजों को बेहतर गर्म सुविधा कैसे दें, इस पर भी निर्देश दिए हैं।”


