शाजापुर मे नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने आरोपी विक्रम उर्फ विक्की मालवीय को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा गुरुवार दोपहर 2 बजे करीब सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है और पीड़िता के पुनर्वास के लिए प्रतिकर की अनुशंसा भी की है। आरोपी विक्रम उर्फ विक्की (22 वर्ष) जरखी, थाना सुंदरसी, जिला शाजापुर का निवासी है। उसे पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 500 रुपए का अर्थदंड दिया गया। इसके अतिरिक्त, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 में 10 वर्ष का कठोर कारावास और 500 रुपए अर्थदंड, बीएनएस की धारा 87 में पांच वर्ष का कठोर कारावास और 500 रुपए अर्थदंड और बीएनएस की धारा 127(2) में 500 रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया। जिला मीडिया सेल प्रभारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता ने 17 नवंबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार, वह अपने माता-पिता को खेत पर खाना देने जा रही थी, तभी आरोपी विक्रम सिंह वहां आया। आरोपी उसे नशीला पदार्थ खिलाकर जबरन अपने घर ले गया। घर के अंदर उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। नशीला पदार्थ दिए जाने के कारण पीड़िता विरोध नहीं कर पाई थी। पुलिस ने विवेचना के दौरान पीड़िता और गवाहों के बयान दर्ज किए। संपूर्ण विवेचना के बाद पुलिस ने अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने 9 गवाह और 21 दस्तावेज प्रस्तुत किए। माननीय न्यायालय ने इन साक्ष्यों पर विश्वास करते हुए आरोपी के खिलाफ आरोप प्रमाणित पाए और दोषसिद्धि का निर्णय सुनाया। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी शाजापुर के श्री प्रदीप कुमार भटेले ने की। न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और तर्कों से सहमत होते हुए यह फैसला दिया।


