जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) धौलपुर के अध्यक्ष अरुण कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में बाल वाहिनियों का औचक निरीक्षण किया गया। डीएलएसए धौलपुर की सचिव (एडीजे) रेखा यादव, जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव और परिवहन निरीक्षक श्रीकांत कुमावत ने जगदीश तिराहे पर विभिन्न विद्यालयों की बाल वाहिनियों का निरीक्षण किया। यह कार्रवाई स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु रालसा जयपुर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में की गई। निरीक्षण के दौरान सचिव रेखा यादव ने बाल वाहिनियों के ड्राइवरों को सुरक्षा मानकों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बाल वाहिनियों का रंग पीला होना चाहिए और उन पर स्कूल का नाम, पता, फोन नंबर, वाहन ड्राइवर व सहायक का नाम अंकित होना अनिवार्य है। ड्राइवरों के पास वैध लाइसेंस और कम से कम पांच वर्ष का अनुभव होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त वाहनों में आपातकालीन निकास, प्राथमिक चिकित्सा किट, अग्निशमन यंत्र और जीपीएस जैसी सुविधाएं होनी चाहिए। ड्राइवरों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी अनिवार्य है। सुरक्षा मानकों का पालन न करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न होने पर परिवहन विभाग ने एक वाहन को जब्त कर लिया। यह देखा गया है कि निजी स्कूल संचालक और बाल वाहिनी ड्राइवर अक्सर केवल मुनाफे की चाह में बच्चों की सुरक्षा से समझौता करते हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिए समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद संबंधित पक्ष इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करते। स्कूल बसों और वैनों में बच्चों को क्षमता से अधिक भरा जा रहा है, और बाल वाहिनियां खुलेआम यातायात नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। बिना फिटनेस और परमिट वाली ओवरलोडिंग बाल वाहिनियां सड़कों पर धड़ल्ले से चल रही हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित रहते हैं। इस अवसर पर सचिव रेखा यादव ने बाल वाहिनी संचालकों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रालसा द्वारा निर्धारित बाल-वाहिनियों के सुरक्षा बिंदुओं का जल्द से जल्द पालन किया जाए, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


