जयपुर उत्तर की विद्याधर नगर थाना पुलिस ने एक शातिर नकबजन को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी 13 अक्टूबर को जेल से रिहा हुआ था और उसके बाद फिर से वारदातों को अंजाम दे रहा था। आरोपी के खिलाफ पहले से ही नकबजनी और चोरी के 47 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से 829.59 ग्राम सोने की ज्वैलरी, 807 ग्राम चांदी की ज्वैलरी, पूजा सामग्री, 1,11,525 रुपए नकद और वारदात में प्रयुक्त अपाचे बाइक बरामद की है। यह कार्रवाई 29 नवंबर को विद्याधर नगर क्षेत्र के मकान संख्या 4/22 में हुई नकबजनी की वारदात के संबंध में की गई। परिवादी डॉ. रमेशचंद गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 नवंबर की रात परिवार सहित एक समारोह में जाने के दौरान अज्ञात चोर उनके घर से करोड़ों की ज्वैलरी और नकदी चुरा ले गए। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी थी।
अब समझिए 2 पॉइंट में पूरा मामला… 1. बाइक से भागता दिखा था आरोपी
वारदात की सूचना मिलने पर डीसीपी नॉर्थ करन शर्मा ने शहर में बढ़ती नकबजनी और वाहन चोरी की घटनाओं पर रोकथाम के लिए सख्त निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त उत्तर (द्वितीय) बजरंग सिंह शेखावत, सहायक पुलिस आयुक्त शास्त्रीनगर सुरेन्द्र सिंह और थानाधिकारी विद्याधर नगर नरेन्द्र खीचड़ के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गईं। टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिसमें एक अपाचे बाइक सवार व्यक्ति को वारदात को अंजाम देकर भागते देखा गया। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की पहचान समीर शेख उर्फ चांद (निवासी इमाम चौक, श्रीराम टीला, थाना भट्टाबस्ती, जयपुर) के रूप में हुई। अभियुक्त समीर शेख उर्फ चांद हिस्ट्रीशीटर अपराधी है, जिसके खिलाफ नकबजनी और चोरी के 47 प्रकरण दर्ज हैं। वह 13 अक्टूबर को जेल से रिहा हुआ था। 2. जेल से छूटने के बाद आरोपी ने की वारदात
डीसीपी नॉर्थ करन शर्मा ने बताया- अभियुक्त के झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी इलाके में छिपे होने की जानकारी मिलने पर 2 दिसंबर को एक टीम रवाना की गई। 4 दिसंबर को आरोपी को दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में अभियुक्त ने जेल से छूटने के बाद की गई कई वारदातों का खुलासा किया। जेल से छूटने के बाद उसने निम्नलिखित वारदातों को अंजाम दिया: 14 अक्टूबर को सैन कॉलोनी से एक्टिवा चोरी, 15 अक्टूबर को मकान 7/315 विद्याधर नगर में नकबजनी, 19 अक्टूबर को जनाना अस्पताल के बाहर से अपाचे बाइक चोरी और 7 नवंबर को C-58 रामनगर, शास्त्रीनगर में नकबजनी की वारदात को अंजाम दिया था। अभियुक्त ने खुलासा किया कि वह रात में रेकी कर बंद घरों को निशाना बनाता है और मौज-मस्ती के लिए चोरी करता है। वारदात के बाद वह झुंझुनूं में अपनी बहन-बहनोई के पास जाकर फरारी काट रहा था।


