प्रर्वतन निदेशालय (ED) की जयपुर जोनल यूनिट ने अलफुरकान एजुकेशनल ट्रस्ट (एईटी) के पूर्व अध्यक्ष को बुधवार को अरेस्ट किया है। ढाई महीने पहले ED ने एईटी के पूर्व अध्यक्ष के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष पर धर्म परिवर्तन और देशद्रोही गतिविधियों को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप है। ईडी ने आरोपी को गुरुवार दोपहर कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। ईडी की जयपुर जोनल यूनिट ने बीकानेर निवासी मोहम्मद सादिक उर्फ सादिक खान को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में अरेस्ट किया है। सादिक खान अलफुरकान एजुकेशनल ट्रस्ट (एईटी) के पूर्व अध्यक्ष हैं। ईडी ने 17 सितंबर को सादिक खान के ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापे में मिले डॉक्यूमेंट और सबूतों के एनालाइसिस के बाद ईडी ने बुधवार को आरेापी मोहम्मद सादिक को अरेस्ट किया। जांच में सामने आया है कि आरोपी मोहम्मद सादिक ने ट्रस्ट के माध्यम से मस्जिद के नाम जुटाए जनता क चंद को यूज व्यक्तिगत विदेश ट्यूर में किया था। जांच में पता चला कि सदीक खान ने अलफुरकान एजुकेशनल ट्रस्ट बनाया, जो मस्जिद-ए-आयशा चलाता है। ट्रस्ट के जरिए भारी मात्रा में नकद चंदा इकट्ठा किया जाता था, लेकिन कोई लेखा-जोखा नहीं रखा जाता था। धार्मिक-सामाजिक कार्यों के नाम पर एकत्रित यह नकद राशि पूरी तरह सदीक खान के पास रहती थी। जांच के अनुसार यही अनियंत्रित नकद राशि उसका मुख्य स्रोत थी, जिसे उसने निजी उपयोग और गैरकानूनी कार्यों में लगाया। कई देशों की यात्राएं
ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपी मोहम्मद सादिक खान ने बांग्लादेश, ओमान, ईरान, नेपाल और कतर सहित कई देशों की यात्राएं की है। वह विदेशों में जाने के बाद लम्बे समय तक रुके भी है। इन यात्राओं को संदिग्ध विदेशी संपर्कों और कट्टरपंथी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। बांग्लादेश में वह मोहम्मद सलीम उर्फ सौरभ वैद्य के साथ निकटता से काम करता था, जिसे बाद में मध्य प्रदेश एटीएस ने प्रतिबंधित संगठन हिज्ब-उत-तहरीर से संबंध के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोपी मोहम्मद सादिक खान पर धर्म-परिवर्तन कराने और देशद्रोही गतिविधियों में लिप्त होने के भी कई आरोप हैं। जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश से संबंध और सीरिया जाने की कोशिश
ईडी को सबूत मिले हैं कि सदीक खान ने जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के सदस्यों से मुलाकात की और भारत लौटने के बाद भी संपर्क बनाए रखा। जेएमबी से जुड़े लोगों ने उसे नेपाल बुलाया और आगे सीरिया जाने की योजना थी, लेकिन इमीग्रेशन अधिकारियों ने रोक दिया। विदेशी कट्टरपंथी संगठनों से संपर्क
ईडी की जांच राजस्थान पुलिस की दो एफआईआर और विश्वसनीय सूचनाओं पर शुरू हुई थी। इनमें सदीक खान पर कट्टरपंथी गतिविधियों, दावा कार्य, जबरन धर्मांतरण, विदेशी उग्र संगठनों से संबंध और परिवार के बैंक खातों से करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेन-देन के आरोप हैं। पुलिस चार्जशीट में हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने का भी जिक्र है। जुआ, शराब तस्करी और देसी हथियारों का कारोबार
लंबे समय तक सदीक खान की कोई वैध आय नहीं थी। वह जुआ, अवैध शराब कारोबार और देसी हथियारों की तस्करी से जीविका चलाता था। उसके और उसके साथियों से तीन देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद हो चुके हैं, जिसकी चार्जशीट पुलिस ने दाखिल की है। भड़काऊ भाषण और विदेशी झंडा जलाने की घटनाएं
एक वायरल वीडियो में सदीक खान का साम्प्रदायिक भावनाएं भड़काने वाला भाषण दर्ज है। उसके नेतृत्व में सार्वजनिक आयोजनों में विदेशी देश का झंडा जलाया गया और ऐसी घटनाओं के जरिए भावनाएं भड़काकर नकद चंदा जुटाया जाता था।धार्मिक कार्यों के पीछे आपराधिक नेटवर्क ईडी का कहना है कि धार्मिक व चैरिटी के मुखौटे के पीछे सदीक खान ने छिपे हुए वित्तीय नेटवर्क, कट्टरपंथी प्रभाव और अवैध गतिविधियों का जाल बिछाया था। उसकी गिरफ्तारी से इस नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी सफलता मिली है। तीन दिन का रिमांड
पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) 2002 के तहत गिरफ्तारी के बाद मामला गुरुवार को जयपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया। जहां से विशेष अदालत ने ईडी को आरोपी मोहम्मद सादिक खान की 3 दिन की कस्टडी दी है, जो 6 दिसंबर 2025 तक रहेगी। इस दौरान आगे की जांच की जाएगी।


