उदयपुर में नव दीक्षित आर्यिका धन्यमति माताजी का गुरुवार को संलेखना सहित समाधि मरण हो गया। उनकी डोल यात्रा(अंतिम यात्रा) में बड़ी संख्या में भक्तगण शामिल हुए। आर्यिका की डोल यात्रा हिरणमगरी सेक्टर 4 स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से सविना मोक्ष धाम के लिए निकली, जिसमें समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। डोल यात्रा में बैंड बाजे पर भक्ति गीत बज रहे थे। समाज जन जयकारे के साथ आगे बढ़ रहे थे। मोक्षधाम पर आर्यिका धन्यमति के गृहस्थ जीवन के पुत्र किशनगढ़ निवासी विजय कुमार काला ने आर्यिका को मुखाग्नि दी। आचार्य पुण्य सागर महाराज के सानिध्य में आर्यिका ने की थी संलेखना धारण पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य पुण्य सागर महाराज के सानिध्य में आर्यिका ने संलेखना धारण की थी। आर्यिका ने 3 दिन पूर्व जल का भी त्याग कर दिया था। इससे पहले आचार्य ने आर्यिका को संबोधित किया था। आचार्य ने 29 नवंबर 2025 को नव दीक्षित क्षुल्लिका धन्य मति को आर्यिका दीक्षा प्रदान की थी। नव दीक्षित आर्यिका का पहुंचा था परिवार समाज के अध्यक्ष झमक लाल अखावत ने बताया कि इस अवसर पर नव दीक्षित आर्यिका के गृहस्थ जीवन के पुत्र-पुत्र वधु विजय कुमार-पुष्पा देवी काला, पौत्र-पौत्र वधु अभिषेक-आशीमा काला, पौत्री सानवी और पुत्रियां यहां पहुंची थी। प्रचार प्रसार प्रभारी मुकेश पांड्या ने बताया कि इस अवसर पर श्राविका तारिका पाटनी-किशनगढ़, सकल दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष शांति लाल वेलावत, समाजसेवी सुंदर लाल लुणदिया, वर्षा योग कमेटी मुख्य संयोजक निर्मल मालवी, संयोजक गौरव गनोडिया एवं पारस कुणावत, सीपी भोपावत आदि मौजूद रहे।


