अचानक हुए तेज धमाके से जोधपुर दहल गया। मकानों की खिड़कियां-दरवाजे हिल गए। विस्फोट की आशंका में लोग घरों से बाहर निकल आए। तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे। बुधवार रात करीब सवा दस बजे की घटना है। 11 नवंबर को भी इस तरह का धमाका सुनाई दिया था। घबराए लोगों ने थानों में फोन किया
विवेक विहार, बासनी, बोरानाडा और कुड़ी भगतासनी थानों समेत पुलिस कंट्रोल रूम के फोन बुधवार देर रात अचानक घनघनाने लगे। एक-एक करके कई फोन इन थानों में आए। हर कोई पुलिस को धमाका होने की सूचना दे रहा था। उधर, पुलिस ने कहा कि यह फाइटर जेट के सोनिक बूम की आवाज थी। यह तब होती है, जब कोई लड़ाकू विमान ध्वनि की गति से तेज उड़ान भरता है और साउंड बैरियर को तोड़ता है। दर्जनभर से ज्यादा गांवों में दहशत
सांगरिया गणेश नगर में एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी में धमाके की आवाज रिकॉर्ड हुई है। सांगरिया, विवेक विहार, नंदवान, सालावास, धींगाणा, फिटकासनी, लूणी, गुढ़ा विश्नोइयां, तनावड़ा, कुड़ी भगतासनी, बोरानाडा, पाल गांव, बासनी, राजपुरिया और पाबुपुरा कुम्हारान सहित आसपास के तकरीबन एक दर्जन से ज्यादा गांवों में यह आवाज सुनाई दी। किसी को भूकंप तो किसी को विस्फोट की आशंका हुई थी। विवेक विहार थानाधिकारी दिलीप खदाव ने बताया कि गश्त के दौरान उन्होंने भी यह आवाज सुनी थी। बाद में छानबीन में पता चला कि यह कोई भूकंप या विस्फोट नहीं, बल्कि फाइटर जेट की आवाजाही से उत्पन्न सोनिक बूम की वजह से ऐसा हुआ होगा। आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। 11 नवंबर को भी हुआ था ऐसा
इससे पहले 11 नवंबर की रात 8 बजे के आसपास जोधपुर के मंडोर सहित आसपास के इलाकों में इसी तरह जोरदार धमाके की आवाज से दहशत फैल गई थी। उस समय भी लोग घरों से बाहर निकल आए थे और कुछ समझ नहीं पाए थे। बाद में पता चला था कि वह भी फाइटर जेट के सोनिक बूम की आवाज थी। सोनिक बूम क्या होता है, कैसे बनती है?
जब कोई फाइटर जेट सुपरसोनिक स्पीड (ध्वनि की गति से तेज) में उड़ान भरता है तो वह हवा के अणुओं को इतनी तेजी से धकेलता है कि एक शक्तिशाली प्रेशर वेव बनती है। हवा में ध्वनि की गति लगभग 1,225-1,238 किलोमीटर प्रति घंटा (या 332 मीटर प्रति सेकेंड) होती है। जब विमान इससे तेज चलता है, तो दबाव में अचानक परिवर्तन होता है, जो सोनिक बूम साउंड उत्पन्न करता है। सोनिक बूम के प्रभाव सोनिक बूम बड़ी मात्रा में ध्वनि ऊर्जा उत्पन्न करता है। जब फाइटर जेट कम ऊंचाई पर सुपरसोनिक गति से उड़ते हैं तो इसकी तीव्रता और बढ़ जाती है। सोनिक बूम केवल उसी समय सुनाई देता है जब विमान आपके ऊपर से गुजरता है, न कि सभी दिशाओं में। विमान के आने से पहले कोई आवाज नहीं सुनाई देती क्योंकि विमान ध्वनि से तेज चल रहा होता है, लेकिन गुजरने के बाद अचानक तेज धमाका सुनाई देता है। यह N-wave के रूप में होता है, जिसमें दो धमाके होते हैं – एक जब दबाव बढ़ता है और दूसरा जब दबाव सामान्य होता है। कॉमर्शियल फ्लाइट्स जैसे बोइंग और एयरबस सब सोनिक गति (मैक 0.78 से 0.85) से उड़ते हैं, इसलिए वे सोनिक बूम नहीं बनाते।


