संतकबीरनगर के मेंहदावल तहसील क्षेत्र के धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र में रविवार को हाईटेंशन लाइन का तार गिरने से तीन बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों ने बच्चों को तत्काल सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए भेजा, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अलाव सेंकते समय हुआ हादसा घटना धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के मेंहदुपार गांव की है, जहां एक निर्माणाधीन मंदिर के परिसर में बच्चे अलाव सेंक रहे थे। इसी दौरान सड़क पर हाईटेंशन तार गिर गया और बच्चों की चपेट में आ गया। झुलसे बच्चों की पहचान अंशिका (10), आयुष (1) और आरती (7) के रूप में हुई है। घटना के बाद तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहदावल लाया गया, जहां से अंशिका और आयुष को खलीलाबाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरती का इलाज सिद्धार्थनगर के एक निजी अस्पताल में हो रहा है। घटना के बाद बिजली विभाग पर नाराजगी घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि यह लापरवाही की वजह से हुआ हादसा था। बिजली के हाई टेंशन तार का अचानक गिरना लोगों के लिए खतरे की घंटी बन गया। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति रोकने के लिए विभाग को फोन किया, जिसके बाद बच्चों की जान बचाई जा सकी। बिजली विभाग ने माना दोष हादसे की सूचना मिलते ही अधिशासी अभियंता पीके गुप्ता और बिजली कर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि तार की मरम्मत कर दी गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित पुल पर गार्डिंग लगा दी गई है। विभाग ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। एक सप्ताह पहले गोरखपुर में भी हुई थी घटना स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि इस तरह की घटना गोरखपुर में भी एक सप्ताह पहले हुई थी, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई थी। गांववासियों का कहना था कि अगर बिजली विभाग की लापरवाही से इस हादसे में बच्चों की जान जाती, तो यह एक और गोरखपुर जैसी घटना हो सकती थी।


