लखनऊ हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सांसद पद पर बने रहने को चुनौती देने वाली एक अधिकार पृच्छा याचिका (Writ of Quo Warranto) खारिज कर दी है। यह याचिका राहुल गांधी को मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद दाखिल की गई थी। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि गुजरात के सूरत कोर्ट द्वारा राहुल गांधी को मानहानि के मामले में दोषी करार दिए जाने संबंधी आदेश पर सर्वोच्च न्यायालय पहले ही स्थगन आदेश पारित कर चुका है। इस स्थगन के कारण, जन प्रतिनिधित्व कानून के तहत राहुल गांधी के चुनाव लड़ने पर कोई रोक नहीं थी। यह महत्वपूर्ण निर्णय न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने स्थानीय अधिवक्ता अशोक पांडेय द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए सुनाया। पहली सुनवाई में खारिज हुई याचिका याचिका दो दिन पहले दाखिल की गई थी। R.P. एक्ट 1951 के सेक्शन 8 (3) के साथ आर्टिकल 102 में दिए गए नियम के तहत उन्हें संसद सदस्य चुने जाने के लिए अयोग्य घोषित करता है। हालांकि पहली सुनवाई में ही याचिका खारिज हो गई है।


