विद्यार्थियों ने पृथ्वी केंचुओं की संरचना और पारिस्थितिक महत्व को समझा

भास्कर न्यूज |लुधियाना डीएवी पब्लिक स्कूल, बीआरएस नगर में डीएवी कॉलेज, जालंधर (नोडल सेंटर) के अंतर्गत पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम के तहत क्लासरूम टू कम्युनिटीज डीएवी लाइफ वर्कशॉप शीर्षक से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम को पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़ द्वारा प्रायोजित किया गया तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समर्थित किया गया। कक्षा 9वीं के 30 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक इस प्रशिक्षण सत्र में भाग लिया, जिसका उद्देश्य मिशन जीवन के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण और व्यावहारिक शिक्षण को प्रोत्साहित करना था। कार्यशाला के दौरान विद्यालय परिसर में जैव अपशिष्ट को पोषक तत्वों से भरपूर कार्बनिक खाद में बदलने के लिए वर्मीकम्पोस्टिंग की शुरुआत की गई। विषय विशेषज्ञ गुरकृपाल सिंह एवं जगप्रीत सिंह ने वर्मीकम्पोस्टिंग की संपूर्ण प्रक्रिया और वैज्ञानिक सिद्धांतों का प्रदर्शन किया। उन्होंने विशेष रूप से तैयार किए गए गड्ढों में रेड वर्म्स डाले, जो जैविक अपशिष्ट के तीव्र अपघटन के लिए प्रसिद्ध हैं। विद्यार्थियों ने पृथ्वी केंचुओं की संरचना, उनके पारिस्थितिक महत्व और उन्हें प्रकृति के रिसायक्लर्स के रूप में पहचाने जाने के कारणों के बारे में भी सीखा। साथ ही, वर्मीकम्पोस्ट के मिट्टी की उर्वरता, नमी संरक्षण और पौधों की वृद्धि में लाभों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

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