शहर के सदर बाजार स्थित वीर हनुमान मंदिर प्रांगण में 10 दिवसीय राम–जानकी विवाह महोत्सव का समापन गुरुवार को हुआ। इस दौरान 111 व्यंजनों का भोग भगवान राम जानकी व बालाजी को चढ़ाया गया। महाआरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। पंडित संजय दवे के सानिध्य में आरती हुई। इस दौरान आयोजित सत्संग में कलाकारों ने भगवान राम–जानकी विवाह के भजनों की प्रस्तुति दी। उन्होंने राम–सीता की पावन लीलाओं और विवाह प्रसंगों का वर्णन सुनाया।पंडित मुरली मनोहर दवे ने बताया कि यह आयोजन डेढ़ सौ वर्षों से निरंतर आस्था का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय बोली में इस आयोजन को भूरिया बाबा रो खेत पाको के नाम से पहचानते हैं। उन्होंने बताया कि हनुमानजी की मूर्ति का रंग भूरा होने के कारण इसे भूरिया बाबा का खेत कहते हैं। वहीं खेत पाको का तात्पर्य राम जानकी विवाह महोत्सव के दौरान 11 दिन चलने वाले कार्यक्रम में यहां भरपूर मात्रा में प्रसाद का वितरण होता है।


