एजुकेशन रिपोर्टर| रांची राज्य के इंटर कॉलेज, उच्च विद्यालय, संस्कृत विद्यालय और मदरसा संस्थानों ने वित्तीय वर्ष 2025–26 के िलए अनुदान आवेदन नहीं भरने का सामूहिक निर्णय लिया है। यह फैसला गुरुवार को आयोजित मोर्चा के अध्यक्ष मंडल की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। मोर्चा के रघुनाथ सिंह ने बताया कि 9 दिसंबर को विधानसभा के सामने एकदिवसीय महाधरना दिया जाएगा और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में 195 स्वीकृत इंटर कॉलेज, 300 से अधिक उच्च विद्यालय, 46 मदरसा और 40 संस्कृत विद्यालय संचालित हैं, जिन्हें साल में एक बार अनुदान मिलता है। 10 वर्षों से अनुदान राशि में भी बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि संबद्ध डिग्री कॉलेज को 75% अनुदान वृद्धि का लाभ दिया जा चुका है। वित्त रहित संघर्ष मोर्चा ने कहा कि अनुदान राशि जिला कोषागार में अटक जाती है। इतना ही नहीं 12% बकाया अनुदान महीनों से संस्थानों तक नहीं पहुंचा है। जबकि किसान सम्मान निधि की तरह अनुदान सीधे संस्थाओं के खाते में भेजने का आदेश 2020 में ही जारी हो चुका है। {समान नियमावली के बावजूद 75% बढ़ोतरी केवल संबद्ध डिग्री कॉलेज को की गई है। {वित्त व विधि विभाग की सहमति के बाद भी निर्णय लंबित। {राज्यकर्मी का दर्जा देने का प्रस्ताव पेंडिंग है। {महंगाई बढ़ने के बावजूद अनुदान बढ़ोतरी पर निर्णय नहीं। {सावित्रीबाई फुले योजना और पेन नंबर से जुड़ी जटिलताओं का समाधान नहीं।


