मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की विंड्स एंड वेव्स एवं बोट क्लब इकाई में करोड़ों रुपए के सामान खरीद घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक हरनाथ सिंह दंडोतिया की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने इकाई प्रबंधक अरविंद शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुरुप सहित देबजानी मुखर्जी, आदित्य मुखर्जी और संजय मुखर्जी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। शिकायत के अनुसार आरोपी निगम कर्मचारियों ने जुलाई-अगस्त 2025 में क्रॉकरी, कटलरी, फाइबर प्लांटर, कॉफी मशीन सहित अन्य सामग्री खरीदने के नाम पर एक ही परिवार द्वारा संचालित तीन फर्मों श्री गणेश ट्रेडर्स, आदित्य इंटरप्राइजेज और सिद्धि विनायक ट्रेडर्स से कोटेशन मंगाए। इन फर्मों ने फर्जी दस्तावेजों और गलत पते का उपयोग करते हुए 80.81 लाख रुपए मूल्य के 32 बिल प्रस्तुत किए, जिनमें से 22.37 लाख रुपए का भुगतान निगम के बैंक खाते से इनके बैंक खातों में कर दिया गया। जांच में पाया गया कि सप्लाई किया गया सामान कम मात्रा का, घटिया क्वालिटी का और बाजार मूल्य से अधिक दर का था। निगम के वित्त विभाग तथा बाद में गठित जांच समितियों ने पुष्टि की कि वास्तविक वस्तुओं की कीमत 10.97 लाख रुपए थी। इस प्रकार निगम को 11.40 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ। इसके अलावा कई बिलों में दर्शाया गया सामान भौतिक रूप से मिला ही नहीं। प्रबंध संचालक के निर्देश पर की गई आंतरिक जांच में यह भी सामने आया कि तीनों फर्में एक ही परिवार की हैं, इनके जीएसटी पंजीयन रद्द हैं तथा ये फर्जी पते से संचालित दिखाई गईं। निगम ने आरोपी कर्मचारियों को नोटिस देकर निलंबित भी कर दिया है।


