जालंधर के वेस्ट एरिया में 13 साल की बच्ची की हत्या के मामले में ह्यूमन राइट आर्गेनाइजेशन पंजाब ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। इसके लिए उन्होंने पंजाब DGP गौरव याद को लेटर लिखा है।
डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट पंजाब ह्यूमन राइट आर्गेनाइजेशन शशि शर्मा ने पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल उठाते हुए पूरे केस की इन्क्वायरी जालंधर पुलिस कमिश्नरेट के बाहर के IPS अधिकारी से करवाने की मांग की है ताकि आरोपी के खिलाफ कोर्ट में ठोस सबूत पेश किए जा सकें और उसे सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
शशि शर्मा ने वीडियो जारी कर कहा कि आरोपी एक नहीं दो थे। उन्होंने दावा किया कि मौके पर आरोपी के घर के अंदर 2 लोग थे। लोगों ने उनको पकड़ लेना था मगर पुलिस वालों ने उनको अंदर नहीं आने दिया। शशि शर्मा ने वीडियो में किए कई दावे
दावा-मंगत राम ने माना आरोपी 2 थे
शशि शर्मा ने कहा कि टर्मिनेट किए गए मंगत राम ने अपने दिए गए बयान में बताया था कि मौके पर 2 लोग मौजूद थे। मगर पुलिस ने दूसरे आरोपी को केस में नामजद नहीं किया। वो दूसरा आरोपी कौन था, इस पर भी सवाल खड़ा होता है। हम सोच रहे थे कि पुलिस रिमांड के दौरान कोर्ट में ये बात रखेगी कि मौके पर 2 आरोपी थे, मगर पुलिस ने दूसरे आरोपी का कोई जिक्र नहीं किया। पुलिस पर विश्वास कि वो गलती सुधारेगी
शशि शर्मा ने कहा कि आरोपी का दूसरी बार 2 दिन का रिमांड मिला है। ये अच्छा है। आरोपी से पूरी पूछताछ होनी चाहिए। हमें अब भी पुलिस पर विश्वास है कि वो अपनी गलती सुधारेगी और दूसरे आरोपी को ढूंढेगी और उसे केस में नामजद करेगी। इसके अलावा उन पुलिस मुलाजिमों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने अपनी ड्यूटी सही से नहीं निभाई। मंगत राम की बर्खास्तगी में पुलिस सर्विस एक्ट फॉलो नहीं
शशि शर्मा ने वीडियो में दावा किया कि मंगत राम को पुलिस सर्विस से डिसमिस किया गया है, लेकिन ये कार्रवाई कानून के मुताबिक नहीं की गई। पुलिस सर्विस एक्ट 311 का पालन नहीं किया गया। इसके अनुसार उसे पहले उसे नोटिस देना चाहिए था। वो उसका जवाब देता। इसके बाद इन्क्वायरी होनी थी, फिर डिसमिस होना था। ये सारा प्रोसिजर फॉलो किए बिना डिसमिस मुलाजिम बहाल हो जाते हैं और ऐसे सैकडों उदाहरण हैं। अब वो मामला ठंडा होने के बाद कोर्ट जाएगा और बहाल होकर फिर किसी थाने में ड्यूटी पर तैनात हो जाएगा। पुलिस कार्रवाई पर ये सवाल उठाए


