छत्तीसगढ़ में वक्फ की जितनी संपत्तियां हैं उन्हें हर हाल में आज रात 12 बजे तक केंद्र सरकार के उम्मीद पोर्टल पर अपलोड करना होगा। तय समय तक प्रॉपर्टी के दस्तावेजों को अपलोड नहीं करने पर उन्हें फर्जी माना जाएगा। वक्फ बोर्ड ऐसी संपत्तियों की जांच करेगा और फर्जीवाड़ा साबित होने पर जिम्मेदारों के खिलाफ सीधे एफआईआर कराई जाएगी। वक्फ बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार राज्यभर में करीब 4592 वक्फ संपत्तियां हैं। इसमें अभी तक 80 फीसदी यानी 3673 प्रॉपर्टी ऑनलाइन दर्ज हो चुकी है। वक्फ बोर्ड में देर रात तक प्रॉपर्टी को ऑनलाइन दर्ज करने का काम हो रहा है। देशभर में एक ही सर्वर से इंट्री होने की वजह से सर्वर ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा है। यही वजह है कि राज्य के कई जिलों से लोग इंट्री कराने के लिए रायपुर पहुंच रहे हैं। बार-बार की परेशानी के बाद भी इंट्री नहीं होने की वजह से लोग परेशान भी हो रहे हैं। देर रात लोगों ने इस बात को लेकर नाराजगी भी जाहिर की। वक्फ बोर्ड के पास अभी करीब 400 संपत्तियां ऐसी हैं जो संदेह के दायरे में हैं। इन संपत्तियों के कब्जाधारियों को पहले भी नोटिस जारी की जा चुकी है। बोर्ड के अफसरों का कहना है कि इन संपत्तियों की इंट्री ऑनलाइन नहीं कराई जाती है तो इन्हें अवैध माना जाएगा। इसे लेकर फिर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। 7 हजार करोड़ की संपत्ति, आय एक करोड़ भी नहीं होती छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के पास अभी करीब 7 हजार करोड़ की संपत्ति है। लेकिन चौंकाने वाली बात है इन संपत्तियों से बोर्ड को एक साल में एक करोड़ की भी आय नहीं हो रही है। केंद्र सरकार के नए नियमों के बाद ही अब इन संपत्तियों का वास्तविक आंकलन हो रहा है। बोर्ड को उम्मीद है कि इससे राजस्व भी बढ़ेगा। करोड़ों की संपत्ति होने के बावजूद वक्फ बोर्ड के पास खुद का एक अस्पताल, स्कूल या सामुदायिक संपत्ति नहीं है। बोर्ड के पास इन संपत्तियों से इतना मामूली किराया मिलता है कि उससे उनके स्टाफ के सालभर की सैलरी भी नहीं बन पाती। 80 फीसदी संपत्तियां दर्ज छत्तीसगढ़ की 80 फीसदी वक्फ संपत्तियों का विवरण ऑनलाइन दर्ज हो चुका है। जो दस्तावेज जमा नहीं करेंगे उन्हें अवैध कब्जा माना जाएगा। कब्जा करने वाले लोगों पर सीधे एफआईआर कराई जाएगी। जिम्मेदार लोग बोर्ड दफ्तर भी आकर इंट्री करवा सकते हैं। 5 दिसंबर के बाद तारीख आगे नहीं बढ़ेगी।
डॉ. सलीम राज, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड


