राजस्थान से जीएसटी चुकाए बिना करोड़ों का माल हर माह बाहर जा रहा है। इसका खुलासा जीएसटी की एन्फोर्समेंट विंग के स्टिंग में हुआ है। इसके लिए तीन टीमें 15 दिन तक अलग-अलग हाईवे पर मजदूर के भेष में उन ढाबों पर रही, जहां ट्रकों की आवाजाही ज्यादा रहती है। इन ट्रकों में सस्ते माल की आड़ में महंगा माल एक्सपोर्ट किया जा रहा था तो कुछ के बिल फर्जी फर्मों के मिले। जयपुर मुंबई एक्सप्रेस-वे पर टीम को सुपारियों से भरा ट्रक मिला। यह कर्नाटक से नागपुर के लिए चला था, लेकिन जा दिल्ली रहा था। इसी तरह किशनगढ़ से ग्रेनाइट व मार्बल अन्य राज्यों में भेजा जा रहा था, मगर बिल व फर्म फर्जी निकले। कुछ ट्रकों में ब्रास मेटल व लैड स्क्रेप परचून की आड़ में राज्य से बाहर जा रहा था। अधिकारियों ने ऐसे 14 ट्रकों को गुरुवार को जब्त कर झालाना यार्ड लाए हैं। इनके मालिकों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। ढाबों पर रुकने वाले ट्रकों के नंबर पोर्टल पर डालकर की जांच… स्टेट जीएसटी के मुख्य आयुक्त कुमार पाल गौतम ने बताया कि लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बिना जीएसटी चुकाए ट्रकों में माल भरकर दक्षिण भारत से दिल्ली सहित उत्तरी राज्यों में भेजा जा रहा है। इसी तरह दिल्ली व आसपास के इलाकों से गुजरात भेजा जा रहा है। तस्दीक के लिए तीन टीमें बनाकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, जयपुर-दिल्ली हाईवे और अजमेर हाईवे के ढाबों पर पहुंची। प्रवर्तन विंग के अधिकारियों ने ढाबों पर रुकने वाले ट्रकों के नंबरों के आधार पर पोर्टल पर जांच की तो हकीकत सामने आई। फर्जी बिलों से कर रहे लदान, संगठित गिरोह की आशंका मामले में स्टेट जीएसटी अधिकारियों को किसी गिरोह के सक्रिय होने का अंदेशा है। टीम बिल पर लिखे एड्रेस पर पहुंची तो वहां कुछ और ही मिला। ऐसे ही फर्जी बिलों के आधार पर लदान कर एक से दूसरे स्थान पर माल भेजा जा रहा है। इन ट्रकों में लदे माल से कितना जीएसटी बनता है, इसका आकलन किया जा रहा है।


