जगतपुरा में अब आपराधिक गैंग का नेटवर्क पनपने लगा है। क्षेत्र में रवि वीआईटी गैंग अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहती है, जिसकी टक्कर बाली मैदला गैंग से चल रही है। दोनों गैंग एक-दूसरे पर दबदबा बनाने के लिए सक्रिय हैं और जानकारी पुलिस को पहुंचा रही हैं। बाली गैंग पर हमले की तैयारी से पहले ही डीएसटी ईस्ट ने रामनगरिया थाना क्षेत्र में दबिश देकर 3 पिस्टल, 1 देसी कट्टा और 29 कारतूस के साथ रवि वीआईटी गैंग के 6 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में गैंग को हथियार सप्लाई करने वाला आरोपी भी शामिल है। इस कार्रवाई के बाद गैंग का सरगना और अन्य सदस्य पुलिस की गिरफ्त में हैं। उधर, बाली मैदला गैंग अभी भी खुले में घूम रही है। यह वही गैंग है जिसने प्रताप नगर स्थित काकी बार पर हमला कर बाउंसरों पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया था। इसके बाद बार संचालक के लोगों ने शिवदासपुरा क्षेत्र में बाली गैंग की कार को आग लगा दी थी, लेकिन पुलिस इस गैंग को पकड़ नहीं पाई है। इस कार्रवाई में डीएसटी ईस्ट के राजेश और नीरज की अहम रही। गैंग खत्म करने में स्थानीय थाना पुलिस फेल क्यों? गैंग को खत्म करने की जिम्मेदारी स्थानीय थाना पुलिस की होती है, लेकिन रामनगरिया और कानोता थाना पुलिस गैंग के नेटवर्क को तोड़ने में नाकाम रही है। 2 दिसंबर को कानोता क्षेत्र में बाली मैदला, मधु सिरोली, एके सिरोली और करण चांदा ने मिलकर सोनू मीणा के साथ मारपीट कर उसके पैर तोड़ दिए। सोनू, रवि गुर्जर का करीबी है। घटना के बाद बाली ने इंस्टाग्राम पर रवि को धमकी दी। दोनों के बीच फोन पर विवाद बढ़ गया। क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई, गिरफ्तार आरोपी डीसीपी ईस्ट संजीव नैन के अनुसार गिरफ्तार आरोपी खालिद खान, महेंद्र सिंह उर्फ माही गुर्जर, गिरधारी मिरोटा, रवि गुर्जर उर्फ रवि वीआईटी, हनीफ और नितिन घीया शामिल है। दोनों गैंग शिवदासपुरा, प्रताप नगर, रामनगरिया, खोह नागोरियान, कानोता और बस्सी क्षेत्र में अपना वर्चस्व जमाने की कोशिश में हैं। गैंग के पास बड़ी मात्रा में हथियार भी मिले हैं।


