महिला अधिकारिता निदेशालय, जयपुर की उपनिदेशक विनीता शर्मा ने गुरुवार को जिला महिला अधिकारिता कार्यालय का औचक निरीक्षण कर विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लाडो प्रोत्साहन योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रथम और द्वितीय किश्त का भुगतान मेडिकल विभाग के माध्यम से डीबीटी प्रणाली से शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अधिक से अधिक पात्र बालिकाओं को योजना से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना पर चर्चा करते हुए उन्होंने बैंकों से सतत समन्वय स्थापित कर महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराने और उन्हें स्वावलंबी बनाने पर बल दिया। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान को गति देने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर अंकुश लगाने के लिए समाज की भागीदारी आवश्यक है। इसके बाद उपनिदेशक ने वन स्टॉप सेंटर और महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र का निरीक्षण किया। काउंसलर्स से विभिन्न प्रकरणों की जानकारी ली और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उपनिदेशक राजेश कुमार भी उपस्थित रहे।


