गुरुवार को वर्ष का आखिरी सुपर मून रहा। विशेषज्ञों के अनुसार यह धरती से करीब 3 लाख 57 हजार किमी की दूरी पर ही था। इस वजह से सामान्य से बड़ा और अधिक चमकीला नजर आया। मार्गशीर्ष पूर्णिमा यानी अन्नपूर्णा प्रकटोत्सव का संयोग होने से मां अन्नपूर्णा मंदिर पर इसकी छटा अलग ही नजर आई।


