देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के आवेदन पूरे हो चुके हैं। इस बार नॉन-डीईटी यानी जिन 21 विषयों में नेट के ज़रिए प्रवेश होंगे, उनमें कुल 588 सीटें रहेंगी। इसके लिए ये अभ्यर्थी इंटरव्यू देंगे। पॉलिटिकल साइंस जैसे विषय में इस बार भी एक भी सीट नहीं रहेगी। पिछले साल भी 170 अभ्यर्थियों ने एग्जाम दी थी और 155 अब भी वेटिंग में हैं, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल पाएगा। वहीं, लगातार तीसरी बार सबसे ज़्यादा सीटें मैनेजमेंट व कॉमर्स में ही हैं। मैनेजमेंट में 228 व कॉमर्स में 121 सीटें रहेंगी। बाकी सिर्फ़ केमिस्ट्री ही विषय है, जिसमें 50 से ज़्यादा सीटें हैं। बाकी विषयों में बमुश्किल 10 से 40 सीटें हैं। दो विषय – बायोकेमिस्ट्री, सोशल वर्क तो ऐसे हैं, जिनमें सिर्फ़ एक-एक सीट है। इंजीनियरिंग के 13 विषयों की होगी प्रवेश परीक्षा इस बार भी इंजीनियरिंग के 13 विषयों के लिए प्रवेश परीक्षा होगी। सबसे ज़्यादा 18 सीटें इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन में रहेंगी। उसमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग व फार्मेसी में भी 15-15 सीटें हैं। कुल 89 सीटें रहेंगी। इसके लिए 180 आवेदक 21 दिसंबर को एग्जाम देंगे। इस बार सबसे कम सीटें इंजीनियरिंग में एप्लाइड मैथ्स में 2 व इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में 3 हैं। कंप्यूटर इंजीनियरिंग में 10 व एप्लाइड केमिस्ट्री में 8 सीटें हैं। जनवरी के पहले सप्ताह में इन दोनों कैटेगरी के अभ्यर्थियों के इंटरव्यू होंगे। प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट 31 दिसंबर तक जारी होगा। जो पास होंगे, उन्हें आरएसी के समक्ष इंटरव्यू देना होगा। 21 विषय, 182 गाइड पीएचडी सेल प्रभारी डॉ. अशेष तिवारी कहते हैं कि नॉन-डीईटी में शामिल 21 विषयों के लिए 182 गाइड हैं। उन्हीं के मार्गदर्शन में यह 588 सीटें हैं। जबकि डीईटी के 13 विषयों में 39 गाइड हैं। आरएसी से लेकर कोर्स वर्क तक की समय-सीमा तय रहेगी।


