उदयपुर में सर्दियों का मौसम आते ही शहर में यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है। शहर में पर्यटन सीजन चल रहा है और शादियों के साथ ही न्यू ईयर जैसे आयोजनों की वजह से होटल और स्टेशन दोनों जगह भीड़ दिखाई देती है। इसी बीच गुरु गोविंद सिंह महाराज की 359वीं जयंती पर पूर्वी भारत में होने वाली यात्राओं को देखते हुए रेलवे ने उदयपुर रूट पर चलने वाली दो बड़ी ट्रेनों को अस्थायी ठहराव देने का फैसला किया है। इससे कोलकाता और बिहार से उदयपुर आने-जाने वाले यात्रियों को सीधी राहत मिलेगी। रेलवे ने 19 दिसंबर से 2 जनवरी तक भागलपुर-अजमेर-भागलपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस और कोलकाता-उदयपुर-कोलकाता साप्ताहिक एक्सप्रेस को पटना साहिब स्टेशन पर दो मिनट का स्टॉप दिया है। यह वही स्टेशन है जहां से जयंती के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय यात्री सफर करते हैं। भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे हर साल कुछ अस्थायी बदलाव करता है, लेकिन इस बार इसका सीधा फायदा उदयपुर रूट पर भी पड़ेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के अनुसार इन गाड़ियों पर असर पड़ेगा। उदयपुर के लिए यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले कुछ सालों में कोलकाता, पटना और भागलपुर से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। कई परिवार छुट्टियों में उदयपुर आते हैं, जबकि बड़ी संख्या में छात्र और कामकाजी लोग भी साल के अंत में सफर करते हैं। ऐसे में पटना साहिब जैसे बड़े स्टेशन पर ठहराव मिलने से यात्रियों को ट्रेन बदलने या दूर तक यात्रा करने की मजबूरी नहीं रहेगी। उदयपुर स्टेशन पर भी रोजाना फुटफॉल बढ़ रहा है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि लंबी दूरी से आने वाली ट्रेनों में थोड़ा भी सुधार यात्रियों की सुगमता बढ़ाता है। पर्यटन सीजन में कई ट्रेनें फुल रहती हैं, इसलिए कनेक्टिविटी बेहतर होने से भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। रेलवे ने इसे सर्दियों के दौरान भीड़ संभालने और यात्रियों को सुविधा देने के लिए अस्थायी कदम बताया है। स्थानीय यात्रियों ने भी इस फैसले को राहत मानते हुए कहा कि पूर्वी भारत से आने-जाने में अब सफर थोड़ा आसान हो जाएगा।


