संपत्तिकर वसूली मामले में आम जनता पर दबाव डालने वाली नगर निगम का टैक्स वसूली का सिस्टम ही गड़बड़ है। निगम शहर में संपत्तिकर के अलावा कचरा प्रबंधन शुल्क और जलकर भी वसूलता है, पर इन तीनों का आपस में कोई तालमेल नहीं। संपत्तिकर के 7 लाख 1 हजार 294 खाते हैं, कचरा प्रबंधन शुल्क के 5.35 लाख खाते हैं और नर्मदा जलकर के मात्र 3.3 लाख खाते ही हैं। भास्कर ने पड़ताल की तो खुलासा हुआ कचरा गाड़ी हर घर में जा रही है, लेकिन खाते संपत्तिकर से भी कम हैं। नर्मदा के कनेक्शन कई वार्ड्स में बिना रिकॉर्ड के भी दिए जा रहे हैं। संपत्ति कर और जलकर के खातों में ही बड़ा अंतर निगम से मिले दस्तावेज के अनुसार 85 वार्ड में से कई वार्ड ऐसे हैं, जहां पर संपत्तिकर और जलकर हजारों का अंतर है। वार्ड–15 में 23 हजार 125 खातों पर महज 1900 जलकर खाते हैं। वार्ड–36 में 23,960 संपत्तिकर खातों पर 3,029 जलकर खाते हैं। यानी कि 20,931 जलकर खाते कम हैं। इसी तरह वार्ड–1, वार्ड–18, 76, 77, 79 में संपत्तिकर और जलकर में बड़ा अंतर है। वार्ड–75 में सबसे कम 693 जलकर खाते- वार्ड–75 में 9 हजार संपत्तिकर खाते हैं, वहीं जलकर खाते महज 693 हैं। सबसे ज्यादा जलकर खाते वार्ड–82 में 6,506 हैं। यहां 6 हजार 833 संपत्तिकर खाते हैं। कई संपत्तिकर खातों से मोबाइल नंबर गायब
राजस्व विभाग में 85 पार्षदों के संपत्तिकर खातों में कई के मोबाइल नंबर नहीं हैं। कुछ में गलत दर्ज हैं। एमआईसी मेंबर नंदकिशोर पहाड़िया के खाते में मोबाइल 9876543219 दर्ज है, जबकि ऐसा मोबाइल नंबर ही मप्र में सक्रिय नहीं है।


