गाडरवारा में बीए फस्ट ईयर छात्रों के रिजल्ट में गड़बड़ी:छात्र बोले- परीक्षा देने के बाद भी फेल और ऐबसेंट; 2 साल से यही समस्या

नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा स्थित महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज में बीए फस्ट ईयर के सैकड़ों छात्रों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। इन छात्रों को रिजल्ट में या तो शून्य अंक दिए गए हैं या उन्हें ऐबसेंट दर्शाया गया है, वहीं छात्रों का दावा है कि उन्होंने नियमित रूप से अध्ययन किया और सभी परीक्षाएं दी थीं। दूर-दराज से पढ़ने आने वाले गरीब परिवारों के छात्रों का कहना है कि वे कड़ी मेहनत से पढ़ाई करते हैं और समय पर परीक्षा देते हैं, लेकिन रिजल्ट आने पर उनका भविष्य अनिश्चित हो जाता है। छात्रों के अनुसार, यह समस्या पिछले दो वर्षों से लगातार बनी हुई है। पिछले साल भी छात्रों ने जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया था और ज्ञापन सौंपा था, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। छात्र बोले-पढ़ाई और परीक्षा देने के बाद भी फेल छात्रा कविता जाटव ने बताया कि हर बार आधे से ज्यादा बच्चों को शून्य अंक दिए जाते हैं। जिन बच्चों ने पेपर दिए और पढ़ाई की, वे फेल हो जाते हैं, जबकि कुछ ऐसे भी पास हैं जो कॉलेज आते ही नहीं। मैंने सभी पेपर दिए थे, फिर भी मुझे इंग्लिश और हिस्ट्री में ऐबसेंट कर दिया। वहीं, छात्र हरिओम यादव ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा, मैंने पूरे पेपर दिए हैं, लेकिन रिजल्ट में न तो उपस्थित दिखाया गया है और न ही ऐबसेंट और अंक भी शून्य दिए गए हैं। समझ नहीं आता कि हमारी मेहनत का हिसाब किस तरह दिया जा रहा है। प्राचार्य ने कहा-रिजल्ट विश्वविद्यालय तैयार करता है इस गंभीर स्थिति के लिए छात्र अब कॉलेज प्रबंधन और विश्वविद्यालय दोनों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। हालांकि, कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पीएस कौरव ने इस संबंध में कहा कि परीक्षा और रिजल्ट की पूरी प्रक्रिया विश्वविद्यालय करती है। उनका काम केवल छात्रों को पढ़ाना और उत्तर पुस्तिकाएं विश्वविद्यालय भेजना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि छात्रों के आवेदन विश्वविद्यालय को अग्रेषित किए जाएंगे। रानीदुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर कॉलेज से लगभग 150 किलोमीटर दूर है। इस भौगोलिक दूरी के कारण छात्र आसानी से वहां जाकर अपनी शिकायत दर्ज नहीं करा पाते हैं। नतीजतन, गलत परिणाम आने की वजह से कई छात्र पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *