बैतूल के आठनेर इसलके में आज (शुक्रवार) बिसनूर-घाना जोड़ पर किसानों ने पचधार डैम और पारसदोह डैम से सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने तथा मक्का फसल की उचित कीमत देने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसानों ने यहां मुल्ताई भैंसदेही रोड स्टेट हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। आठनेर और मुलताई पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रोड डायवर्ट कर वाहनों की आवाजाही सुचारु रखने की व्यवस्था बनाई है। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग ने विधायक से चर्चा कर 5 नवंबर से पानी छोड़ने की बात कही थी, लेकिन नहरों में पानी का दबाव नहीं है। पारसदोह डैम से संबंधित पंपों में तकनीकी खराबी के कारण लेफ्ट साइड यानी आठनेर-मासोद बेल्ट में सिंचाई प्रभावित हुई। विभाग के अनुसार, राइट साइड के पंप पहले से चालू हैं जबकि लेफ्ट साइड का चार्जर खराब होने के बाद अब उसे ठीक कर लिया गया है और स्कीम नंबर 5-6 में कल रात से सिंचाई शुरू कर दी गई है। अब दिन में आठनेर बेल्ट में नियमित पानी छोड़ा जा रहा है और व्यवस्था सामान्य हो गई है। किसानों ने कहा कि पानी की कमी से उनकी रबी की फसल प्रभावित हो रही है और मक्का का समर्थन मूल्य पर खरीदी न होने से आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। बिसनूर, घाना, आठनेर और आसपास के 12 से अधिक गांवों के किसान इस आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि पचधार डैम से नहरों में पर्याप्त पानी छोड़ा जाए और मक्का फसल की खरीदी समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित की जाए। पुलिस व सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर किसानों से बातचीत कर रहे हैं ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।


