लंदन में लगा ‘राज-सिमरन’ का स्टैच्यू:’DDLJ’ को मिला हैरी पॉटर जैसे ग्लोबल आइकॉन के बीच स्थान; शाहरुख बोले-यह अविश्वसनीय पल है

फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (DDLJ) के इस साल रिलीज के 30 साल पूरे होने पर लंदन के लीसेस्टर स्क्वायर में शाहरुख खान और काजोल की ब्रॉन्ज मूर्ति का अनावरण किया गया। यह मूर्ति फिल्म के मशहूर पोज में बनाई गई है, जिसमें शाहरुख राज और काजोल सिमरन के किरदार में हैं। इस मौके पर दोनों कलाकार मौजूद रहे। शाहरुख ने ब्लैक सूट पहना था, जबकि काजोल नीली साड़ी में नजर आईं। वहीं दोनों ने फिल्म से जुड़ी कई यादें भी शेयर कीं। शाहरुख खान ने कहा- यह अविश्वसनीय पल है शाहरुख खान ने इस मौके पर कहा, “मेरे लिए यह मौका बहुत खास है। मैं लंदन से जुड़ा रहा हूं। जब मैं जवान था, तब अपने बच्चों के साथ अक्सर यहां घूमने आता था। अब यहां मेरी और काजोल की मूर्ति लगी है, यह अविश्वसनीय है। मैं रात में वापस आकर इसे शांति से देखना चाहूंगा।” उन्होंने आगे कहा, “यूके भारतीय सिनेमा को पहचान देने वाला पहला देश रहा है। 90 के दशक में हमारी फिल्मों को यहां थिएटर में जगह मिलने लगी थी। DDLJ वो फिल्म थी जिसने भारतीय फिल्मों को विदेशों में नई पहचान दिलाई। यह हमारे लिए गर्व का पल है कि अब यह फिल्म यहां की संस्कृति का हिस्सा बन गई है।” काजोल ने शेयर की शूटिंग की यादें काजोल ने बताया, “मुझे याद है जब हमने बस वाला सीन शूट किया था। बहुत ठंड थी, बारिश हो रही थी और हमारे स्वेटर नीचे रखे थे जबकि हम ऊपर शूट कर रहे थे। कोरियोग्राफर भी नहीं पहुंच पाए थे, फिर भी हमने शूट पूरा किया।” उन्होंने कहा, “उस समय लंदन बहुत अलग था। यह फिल्म सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में सबसे ज्यादा देखी गई फिल्मों में से एक बनी। DDLJ आज भी सबसे लंबी चलने वाली फिल्म है और अब गिनीज बुक में दर्ज है।” शाहरुख ने कहा, “हमने इस फिल्म को छुट्टी की तरह शूट किया था। कोई नहीं जानता था कि यह इतनी बड़ी हिट बन जाएगी। आज यह सिर्फ हमारी नहीं, बल्कि हर उस दर्शक की फिल्म है जिसने इसे अपनी यादों में बसाया।” काजोल ने कहा, “बहुत से लोग मुझसे कहते हैं कि उन्होंने DDLJ देखने के बाद शादी करने का फैसला किया। कई परिवारों के लिए यह फिल्म एक परंपरा जैसी बन गई है।” यशराज फिल्म्स के सीईओ अक्षय विधानी ने कहा, “यह हमारे लिए गर्व का पल है कि DDLJ को सीन्स इन द स्क्वायर में जगह मिली है। हैरी पॉटर, वंडर वुमन और बैटमैन जैसे बड़े ग्लोबल आइकॉन के बीच इसका होना भारतीय सिनेमा के सम्मान की बात है। यह दिखाता है कि दुनिया भर में दर्शकों ने इस फिल्म को कितना प्यार दिया है।” हार्ट ऑफ लंदन बिजनेस अलायंस के डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव मार्क विलियम्स ने इस मौके पर कहा, “यह फिल्म भारत की एक पूरी पीढ़ी को परिभाषित करती है और अब यह वैश्विक सांस्कृतिक प्रतीक बन चुकी है।” वहीं, इस स्टैच्यू की 3D आंख सैली रेजिस ने डिजाइन की है। उन्होंने कहा, “यह अपने तरह की पहली मूर्ति है। यह फिल्म के 30 साल पूरे होने का जश्न है। फिल्म का कुछ हिस्सा लीसेस्टर स्क्वायर में शूट हुआ था, इसलिए यह बिल्कुल अपनी सही जगह पर लगाई गई है।” निर्देशक आदित्य चोपड़ा की यह फिल्म 1995 में रिलीज हुई थी। मुंबई के मराठा मंदिर में यह आज भी चल रही है।

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