सिवनी जिले स्थित पेंच टाइगर रिजर्व में सात दिनों से चल रही तलाश के बाद बाघिन पीएन-224 को शुक्रवार को सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया। इस बाघिन को जल्द ही राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में स्थानांतरित किया जाएगा। यह देश का पहला ऐसा अभियान है, जिसमें किसी बाघ को एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित किया जा रहा है। हाथियों की मदद से चला सर्च ऑपरेशन पिछले एक हफ्ते से टीम लगातार बाघिन की लोकेशन तलाश रही थी। सोमवार सुबह उसे देखा भी गया था और हाथियों की मदद से उसे घेरने की कोशिश हुई, लेकिन वह बच निकलने में सफल रही। मंगलवार को फिर से सुबह से गहन तलाशी अभियान शुरू किया गया और इसी दौरान टीम ने उसे ट्रैक कर लिया। एआई कैमरा ट्रैप से मिली लोकेशन पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि एआई-सक्षम कैमरा ट्रैप सिस्टम से मिली जानकारी ने बाघिन की सटीक लोकेशन ढूंढने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद हाथी दस्तों को मौके पर भेज कर उसकी पहचान की पुष्टि की गई। विशेषज्ञ टीम ने किया ट्रेंक्युलाइज, लगाया रेडियो कॉलर डॉ. अखिलेश मिश्रा के नेतृत्व और डॉ. अमित कुमार ओड की मौजूदगी में विशेष पशु चिकित्सा टीम ने बाघिन को ट्रेंक्युलाइज किया। तय वन्यजीव प्रोटोकॉल के तहत विशेषज्ञों ने उसे रेडियो कॉलर पहनाया। कॉलर लगाने के बाद उसे सुरक्षित तरीके से पुनः जागृत किया गया और जंगल में छोड़ दिया गया। अब शुरू होगी निगरानी, फिर होगा ट्रांसफर रेडियो कॉलर लगने के बाद अब अगले कुछ दिनों तक बाघिन की गतिविधियों, व्यवहार और स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। इन अवलोकन के आधार पर राजस्थान में उसके ट्रांसफर की अंतिम प्रक्रिया तय की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान वैज्ञानिक और अंतरराज्यीय समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण है, जो देश में वन्यजीव संरक्षण के लिए नई दिशा तय करेगा।


