हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी बिलासपुर में नेशनल हाईवे पर स्टंटबाजी और बर्थ डे सेलिब्रेशन का सिलसिला नहीं थम रहा है। गुरुवार की रात बिलासपुर में सकरी बाइपास नेशनल हाईवे पर कांग्रेस नेता के बेटे और व्यापारी के बेटों समेत रसूखदार युवकों ने यादव ढाबा के सामने बीच सड़क पर फिल्मी स्टाई में बर्थ डे सेलिब्रेट किया। आतिशबाजी के बीच केक कटिंग भी किया। नेशनल हाईवे पर आतिशबाजी करते देख पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामले में 12 लड़कों को गिरफ्तार किया है। घटना सकरी थाना क्षेत्र की है। दरअसल, तखतपुर के कांग्रेस नेता अजय देवांगन और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गौरी देवांगन के बेटे सुजल देवांगन का गुरुवार को जन्मदिन था। वह गुरुवार की रात अपने दर्जन भर दोस्तों के साथ अलग-अलग कार में जन्मदिन मनाने निकला था। सभी युवक रात करीब 11 बजे सकरी-पेंड्रीडीह बाइपास में नेशनल हाईव पर यादव ढाबा पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी किया। NH जाम कर की आतिशबाजी और केक कटिंग
जिसके बाद युवकों का गैंग नेशनल हाईवे पर पहुंच गया। यहां उन्होंने तीन कारों को नेशनल हाईवे पर अड़ाकर खड़ी कर दिया, जिसके बाद कार के बोनट पर केक रखकर बर्थ डे सेलिब्रेट किया। केक कटिंग से पहले युवकों ने जमकर आतिशबाजी की। आतिशबाजी देखकर मौके पर पहुंची पुलिस
टीआई विजय चौधरी ने बताया कि देर रात वो गश्त के दौरान पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें नेशनल हाईवे पर आतिशबाजी होने की जानकारी मिली। खबर मिलते ही वो अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। इस दौरान दर्जन भर युवक रास्ता जाम कर केक काट रहे थे, जिन्हें दौड़ाकर पुलिस ने पकड़ लिया। सार्वजनिक जगह पर वाहनों को खड़ा कर यातायात में बाधा उत्पन्न करने और कार के ऊपर जन्मदिन मनाने पर उनके खिलाफ धारा 285 बीएनएस एवं 119/177, 122/177 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। तीन कार जब्त, लाइसेंस भी निरस्त होगा
उन्होंने बताया कि तीनों वाहनों को जप्त किया गया है। साथ ही सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर थाना लाया गया। आरोपियों के खिलाफ अलग से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। इसके अलावा वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबन के लिए आरटीओ कार्यालय को प्रतिवेदन भेजा गया है। रसूखदारों को बचाने नेताओं ने लगाए फोन
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि सुजल देवांगन का जन्मदिन था। वो कांग्रेस नेता का बेटा है। उसके साथ राइस मिलर समेत रसूखदार कारोबारियों के बेटों में सागर मनचंद, राजवीर हुरा, प्रिंस गागवानी, साहिल सचदेव, उत्कर्ष खरे, मुस्तफा लक्ष्मीधर, पीयूष जायसवाल, पीयूष शिवहरे, रोशन मंगलानी, पल आहुजा, शुभम साहू शामिल थे। उनके पकड़े जाने की खबर मिलते ही स्थानीय नेता पुलिस अफसरों को फोन घनघनाते रहे। लेकिन, अफसरों ने हाईकोर्ट की सख्ती का हवाला देकर उनकी एक नहीं सुनी।


