शराब ठेकेदार का आत्महत्या से पहले का वीडियो:आबकारी अधिकारी पर हर महीने डेढ़ लाख मांगने का आरोप; बोला- नहीं दिया तो स्टॉक रूकवाया

देवास में शराब ठेकेदार की आत्महत्या से पहले का वीडियो सामने आया है। इसमें वह आबकारी अधिकारी पर डेढ़ लाख रुपए हर महीने मांगने का आरोप लगा रहा है। ठेकेदार कह रहा है कि रुपए नहीं दे पाने पर शराब का स्टॉक मिलना बंद करा दिया। इस वजह से उसे लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है। इसी वजह से वह आत्महत्या कर रहा है। ठेकेदार दिनेश मकवाना की मौत पिछले महीने हो चुकी लेकिन उसका वीडियो आज सामने आया है। वहीं इस बारे में महिला मंदाकिनी दीक्षित ने निराधार बताया। वीडियो आने के बाद स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग में हलचल मच गई है। कुछ दिन पहले ही मृतक के परिवार ने इंदौर में एक शिकायत आवेदन भी सौंपा है, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। वहीं महिला अधिकारी ने भी एसपी को आवेदन में कहा है कि ठेकेदार के परिजन उन्हें दो करोड़ रुपए में मामला सैटल करनी की बात कह रहे हैं। बोला- अधिकारी पर 22 लाख रुपए दिए
वीडियो में मकवाना ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अब तक मंदाकिनी दीक्षित को कुल 22 लाख रुपए से अधिक का भुगतान किया था। उसने बताया कि चपड़ा, करनावद और डबल चौकी में शराब ठेकेदारी का काम करते थे। माल उपलब्ध कराने के बदले हर महीने लाखों रुपए की मांग की जाती थी। रुपए न देने पर माल नहीं मिलता था और ठेका बंद हो जाता था, जिससे उन्हें लाखों का नुकसान हुआ। मकवाना ने वीडियो में स्पष्ट रूप से कहा कि पैसे देने का भारी दबाव और लगातार हो रही वसूली से वे परेशान थे। उन्होंने आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया। आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित ने कहा कि आरोप निराधार हैं। ठेकेदार ब्लैकमेल करता था, जिसके संबंध में उन्होंने देवास एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज करा चुकी है। महिला अधिकारी बोली- 2 करोड़ की डिमांड की
एसपी को 24 नवंबर को अधिकारी ने शिकायती आवेदन दिया। इसमें उन्होंने बताया कि मृतक की मां, संतोष मकवाना ने अपने परिवार वालों, यानी बृजेश मकवाना और लेखराज पटेल के साथ मिलकर मेरे सब-इंस्पेक्टर से संपर्क किया और उन्हें धमकी दी कि उनके पास मृतक द्वारा मेरे खिलाफ बनाया गया एक वीडियो है। जिसे वे मीडिया में पब्लिश और सर्कुलेट कर देंगे। उन्होंने मामले को “सुलझाने” के लिए 2 करोड़ रुपए की रकम की भी मांग की।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *