विदिशा में जर्जर सड़कों और उड़ती धूल से परेशान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता मास्क और नेबुलाइजर मशीन हाथों में लिए ढोल-नगाड़ों के साथ नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शहर की खराब हालत के कारण बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सांस संबंधी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। कांग्रेस के पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) दुर्गेश ठाकुर को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि शहर में धूल का स्तर खतरनाक हो चुका है और सड़कों की मरम्मत तुरंत कराई जाए। कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से CMO को नेबुलाइजर मास्क भी भेंट किया। तीन साल से सड़कों की हालत खराब वार्ड 14 की पार्षद रमा यादव ने बताया कि पिछले तीन साल से सड़कों की हालत खराब है और चारों तरफ धूल है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं और सांस की दिक्कतें बढ़ रही हैं। नगर पालिका को कई बार अवगत कराया गया और आंदोलन भी किए गए, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। धूल से स्कूली बच्चे बीमार पड़ रहे पार्षद प्रतिनिधि राजा यादव ने कहा कि शहर की हालत बद से बदतर है। धूल के कारण बच्चों को स्कूल भेजते समय डर लगता है, क्योंकि वे बीमार पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे नेबुलाइजर मशीन लेकर CMO के पास पहुंचे हैं ताकि प्रशासन को हालात की गंभीरता समझ आ सके। अधिकारी बोले- एक महीने में सड़क बननी शुरू हो जाएगी नगर पालिका CMO दुर्गेश ठाकुर ने बताया कि विधायक निधि से एक करोड़ रुपए की लागत के सड़क टेंडर जारी कर दिए गए हैं। साथ ही, PWD ने 30 करोड़ रुपए की लागत से शहर में सड़कों के टेंडर लगाए हैं। एक महीने में सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। CMO ने कहा कि कम गुणवत्ता वाले निर्माण कार्यों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि 4.30 करोड़ रुपए के टेंडर निरस्त किए गए थे, कई ठेकेदारों को नोटिस दिए गए हैं और कुछ को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी है। उन्होंने स्वीकार किया कि हाल की जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है, लेकिन जिन 18 सड़कों में गुणवत्ता की कमी पाई गई थी, उनका सुधार कार्य कराया गया है।


