बुरहानपुर में गर्भाशय के ऑपरेशन के दौरान एक महिला की मौत के मामले में चल रही भूख हड़ताल शुक्रवार को समाप्त हो गई। खंडवा संसदीय सीट से सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने आंदोलन स्थल पहुंचकर परिजनों को आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने हड़ताल खत्म कर दी। यह मामला 11 नवंबर को लालबाग रोड स्थित हकीमी अस्पताल का है, जहां जैनाबाद निवासी वैष्णवी नागेश चौहान की गर्भाशय के ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। कार्रवाई न होने पर मृतका के परिजन सोमवार से शनवारा गेट के पास क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे थे। शुक्रवार को यह हड़ताल पांचवें दिन में प्रवेश कर गई थी। सांसद के आश्वासन पर माने परिजन सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने परिजनों और रिश्तेदारों से चर्चा कर कहा कि प्रशासन से बात हुई है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उनके इस आश्वासन के बाद परिजनों ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। मृतका के रिश्तेदार महेश सिंह चौहान ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उनका परिवार ‘मिसा बंदी’ परिवार होने के बावजूद अब तक न्याय नहीं मिला है। उन्होंने दोषियों पर जल्द कार्रवाई की मांग की। सांसद पाटील ने ‘मिसा बंदी’ परिवार को न्याय मिलने में देरी पर कहा कि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। किसी भी मामले में कार्रवाई से पहले जांच-पड़ताल एक मापदंड होता है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई गई है और जल्द ही परिणाम सामने आएंगे। इस पूरे मामले में, वैष्णवी चौहान की मौत के बाद परिजनों ने हकीमी अस्पताल में हंगामा किया था। पुलिस ने अगले दिन एक महिला अधिकारी की मौजूदगी में डॉक्टरों के पैनल से मृतका का पोस्टमॉर्टम कराया। सांसद और विधायक ने भी कलेक्टर से मिलकर जांच की मांग की थी, जिसके बाद कलेक्टर ने एडीएम वीर सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की थी। बताया जा रहा है कि इस समिति ने अपनी जांच पूरी कर ली है और जल्द ही अस्पताल पर कार्रवाई हो सकती है।


