NDPS एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी मानते हुए 15-15 साल कैद और डेढ़-डेढ़ लाख रुपए जुर्माना लगाया है। पहला मामला तेलीबांधा थाना, जबकि दूसरा मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है। स्विफ्ट डिजायर कार में 42.1 किलो गांजा मिला तेलीबांधा थाना क्षेत्र में 5 सितंबर 2022 को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राकेश नागपुरे (46 वर्ष) निवासी कोहका, दुर्ग को गिरफ्तार किया था। इंवेस्टिेगेशन ऑफिसर SI दिव्या शर्मा ने बताया—मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी मादक पदार्थ लेकर घूम रहा है। मौके पर तलाशी के दौरान आरोपी के पास से कुछ नहीं मिला, लेकिन उसकी स्विफ्ट डिजायर कार CG 08 U 7643 की तलाशी में डिक्की में बने स्पेशल केबिन में 42.1 किलो गांजा बरामद हुआ। स्पेशल लोक अभियोजक के.के. चन्द्राकर ने बताया कि मामले में 13 गवाहों की गवाही हुई। विशेष न्यायधीश पंकज कुमार सिन्हा (NDPS) ने आरोपी को 15 साल कैद और 1.5 लाख रुपए जुर्माना लगाया। दूसरा मामला: मंडला ले जाकर बेचने वाले थे गांजा दूसरा मामले में पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र से पुलिस ने रायपुर के संतोष साहू, ईतवारी नागरची, गरियाबंद के तुलेश्वर साहू और मध्यप्रदेश के मंडला निवासी नीरज ताम्रकर को गिरफ्तार किया था। इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर SI गणेश राम साहू ने बताया कि – पुलिस को सूचना मिली थी कि चारों आरोपी राधास्वामी नगर में एक निर्माणाधीन मकान के पास ECO वैन के पास खड़े हैं। गवाहों के सामने वैन की तलाशी में सीटों के बीच बने गुप्त केबिन से 40 पैकेट गांजा (40 किलो) बरामद हुआ। स्पेशल लोक अभियोजक भुवन लाल साहू के अनुसार इस केस में 9 गवाहों की गवाही हुई।विशेष न्यायधीश किरण थवाईत (NDPS) ने चारों को 15 साल कैद और डेढ़ लाख रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। NDPS एक्ट: क्या कहते हैं नियम? NDPS (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1985) भारत में मादक पदार्थों पर सबसे कठोर कानूनों में से एक है। इसके तहत— 1. व्यवसायिक मात्रा गांजा की व्यावसायिक मात्रा 20 किलो से अधिक मानी जाती है।दोनों मामलों में बरामद मात्रा — 42.1 किलो और 40 किलो — व्यावसायिक श्रेणी में आती है। 2. सजा का प्रावधान (Section 20-B) व्यवसायिक मात्रा में मादक पदार्थ रखने पर: कोर्ट ने इन्हीं प्रावधानों के तहत दोनों मामलों में 15 साल जेल और डेढ़ लाख रुपए जुर्माना लगाया है। 3. ज़मानत के सख्त नियम (Section 37) NDPS एक्ट में व्यवसायिक मात्रा वाले मामलों में ज़मानत 4. विशेष अदालत द्वारा सुनवाई NDPS मामलों की सुनवाई आमतौर पर स्पेशल NDPS कोर्ट में होती है। दोनों मामलों में फैसले विशेष न्यायाधीशों ने सुनाए हैं। 5. जांच और तलाशी—गवाहों की उपस्थिति जरूरी (Section 50 52)


