चित्तौड़गढ़ में जिला आयुर्वेद विभाग की ओर से 13 से 23 दिसंबर तक पाइल्स के मरीजों के लिए विशेष उपचार कैंप लगाया जा रहा है। यह कैंप हर साल आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में लगाया जाता है, लेकिन इस बार पहली बार जिला मुख्यालय पर इसका आयोजन किया जा रहा है। कैंप का स्थान गांधीनगर के त्रिपोलिया क्षेत्र में तय किया गया है, जहां मरीजों को पूरी तरह आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज किया जाएगा। आयुर्वेदिक तकनीकों से निःशुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराई जाएगी आयुर्वेद विभाग के चिकित्साधिकारी डॉ. सौरभ हाडा ने बताया कि कैंप में पाइल्स के उपचार के लिए क्षारसूत्र, पंचकर्म, अग्निकर्म, रक्तमोक्षण और विद्धकर्म जैसी पारंपरिक और प्रभावी आयुर्वेदिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। सभी सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क रहेंगी। मरीजों को यहां आने पर पंजीकरण से लेकर उपचार और दवाइयों तक किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। कैंप हर दिन सुबह 10 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा मरीज इसका लाभ उठा सकें। जरूरत पड़ने पर मरीजों का निःशुल्क ऑपरेशन भी किया जाएगा डॉ. हाडा ने बताया कि अगर किसी मरीज को ऑपरेशन की जरूरत महसूस होती है तो उसके लिए भी अलग से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। विभाग की ओर से करीब 150 मरीजों के ऑपरेशन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, इस कैंप में 1000 लोगों की ओपीडी का लक्ष्य रखा गया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मरीजों की जांच करेगी और उनकी स्थिति के अनुसार उचित इलाज किया जाएगा। इससे पाइल्स जैसी आम लेकिन परेशान करने वाली बीमारी से राहत दिलाई जा सकेगी। भर्ती मरीजों के लिए निःशुल्क भोजन–व्यवस्था की खास सुविधा कैंप में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए तीन समय के भोजन की निःशुल्क व्यवस्था भी की गई है। डॉक्टरों और स्टाफ की टीम मरीजों को आरामदायक माहौल में इलाज उपलब्ध कराएगी। भोजन और रहने की सुविधा मिलने से मरीजों को आर्थिक चिंता के बिना उपचार पूरा कराने में मदद मिलेगी। विभाग का कहना है कि यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि कोई भी मरीज पैसे की कमी या परेशानियों की वजह से उपचार बीच में न छोड़े। आम लोगों से अपील—कैंप में आएं और लाभ उठाएं आयुर्वेद विभाग ने चित्तौड़गढ़ और आसपास के क्षेत्रों के पाइल्स पीड़ित लोगों से अपील की है कि वे इस कैंप में आकर निःशुल्क जांच और उपचार का लाभ लें। पाइल्स एक ऐसी बीमारी है जिसे लोग शर्म या डर की वजह से अक्सर छिपाते रहते हैं, लेकिन समय रहते इसका इलाज करवाना जरूरी होता है। कैंप का उद्देश्य लोगों को बेहतर और सरल आयुर्वेदिक उपचार उपलब्ध कराना है ताकि वे इस समस्या से पूरी तरह छुटकारा पा सकें।


