भास्कर संवाददाता | रायसेन जिले की जेलों में क्षमता से अधिक बंदी होने की समस्या हमेशा बनी रही है। न्यायाधीश के निरीक्षण के दौरान भी कई बार यह बात सामने आई है। जेल विभाग ने समाधान पर काम तेज कर दिया है। जिले की तीन जेलों में क्षमता बढ़ाने और दो बंद पड़ी जेलों को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। नई बैरकों और पुरानी जेलों के संचालन से भीड़ का दबाव कम होने की उम्मीद है। रायसेन, गौहरगंज और बरेली की जेलों में दो-दो नई बैरकों का निर्माण हो रहा है। प्रत्येक बैरक में 20 बंदियों की व्यवस्था होगी। निर्माण पूरा होने पर तीनों जेलों की क्षमता में 40-40 बंदियों की वृद्धि हो जाएगी। इससे ओवरलोड का दबाव काफी हद तक घटेगा। वर्षों से बंद पड़ी गैरतगंज और सिलवानी की जेलों को पुनः शुरू किया जाएगा। लंबे समय से निष्क्रिय रहने के कारण दोनों जेलों की हालत जर्जर हो चुकी है। मरम्मत, साफ-सफाई, बिजली और मूलभूत सुविधाओं का काम जारी है। पहले चरण में गैरतगंज जेल में सुधार कार्य कराया गया है, जो अंतिम चरण में है। इसके बाद सिलवानी जेल में सुधार कराया जाएगा। जिले में रायसेन की जिला जेल के अलावा, गौहरगंज, बरेली और बेगमगंज में उप जेल है। इसके अलावा गौहरगंज और सिलवानी की जेल लंबे समय से बंद है। सभी जेलों में कुल 498 कैदियों की क्षमता है, लेकिन यहां करीब 500 कैदी रहते हैं। बंद पड़ी जेलों को फिर शुरू करने की तैयारी ^जिला जेल सहित गौहरगंज और बरेली जेल में दो-दो नई बैरकों का निर्माण किया जा रहा है। प्रत्येक बैरक की क्षमता 20 बंदियों की होगी। गैरतगंज और सिलवानी की बंद पड़ी जेलों को फिर शुरू करने की तैयारी है। – रामकृष्ण चौरे, जेल अधीक्षक, रायसेन


