प्रयागराज में हिताची पेमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में एटीएम संचालन से जुड़े एक बड़े फंड गबन का मामला सामने आया है। कंपनी के साइट सोर्सिंग प्रबंधक रवि दुबे ने धूमनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए जौनपुर के मुजार बड़ेरी निवासी जावेद अहमद और वाराणसी के चोलापुर निवासी आदर्श पेमेंट सर्विस के प्रोप्राइटर भूपेंद्र सिंह पर 20.41 लाख रुपये गबन करने का आरोप लगाया है। कैसे शुरू हुआ मामला रवि दुबे के अनुसार, 9 अगस्त 2024 को कंपनी ने एटीएम संचालन के लिए जावेद अहमद से सेवा-अनुबंध किया था। इसके तहत 10 सितंबर 2024 को 1.50 लाख रुपये की शुरुआती राशि एक्सिस बैंक, करेली शाखा के माध्यम से जावेद को दी गई। इसके बाद जरूरत के हिसाब से और रकम भी ट्रांसफर की जाती रही। 27.64 लाख जारी, पर एटीएम में खर्च सिर्फ 7.23 लाख 12 मार्च 2025 को धूमनगंज के साकेत नगर स्थित एनसीआर कॉलोनी के एटीएम के संचालन के लिए कंपनी ने जावेद अहमद को 27,64,500 रुपये दिए। यह राशि एटीएम से जुड़े संचालन और रख-रखाव पर खर्च होनी थी, लेकिन आरोप है कि जावेद ने न तो यह पैसा मशीन में लगाया और न ही किसी तरह का लेखा-जोखा उपलब्ध कराया। कंपनी के कई बार संपर्क करने के बाद भी सिर्फ 7.23 लाख रुपये ही संचालन में उपयोग हुए, जबकि 20,41,500 रुपये का कोई हिसाब नहीं मिला। सेवा-अनुबंध का उल्लंघन, रकम रोकने का आरोप कंपनी का कहना है कि यह पूरा धन उसकी संपत्ति है, जिसे अनुबंध के मुताबिक वापस लौटाना अनिवार्य था। लेकिन जावेद ने न रकम लौटाई और न कोई जवाब दिया। जांच के दौरान भूपेंद्र सिंह की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। धमकी देने का भी आरोप एफआईआर में आरोप है कि जब कंपनी की ओर से बकाया राशि वापस मांगी गई तो जावेद अहमद और भूपेंद्र सिंह ने धमकी दी। जावेद ने कथित तौर पर कहा, “10 लाख रुपये मेरे पास हैं, जो करना हो कर लो।” उधर फिलहाल पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ सेवा-अनुबंध के उल्लंघन, गबन और धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच जारी है।


