कांग्रेस का ट्रेनिंग कैंप आज:कैसे चलाना हैं संगठन, राहुल से टिप्स लेंगे नए अध्यक्ष

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को नई जिम्मेदारी के साथ ही जमीन पर मजबूत पकड़ दिलाने की तैयारी शुरू कर दी है। शनिवार 6 दिसंबर को राजीव भवन में जिला अध्यक्षों की पहली बैठक रखी गई है। प्रदेशभर के जिला अध्यक्ष शामिल होंगे। हाल ही में पार्टी ने 41 जिलों में नए अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। नए नेतृत्व को संगठनात्मक दिशा और कामकाज की रणनीति समझाने के लिए यह प्रशिक्षण अनिवार्य रखा गया है। बै‌ठक के बाद जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग होगी। इसका निर्णय भी कल होने वाली बैठक में लिया जाएगा। ट्रेनिंग दो चरणों में होगी। पहला राजनीतिक और संगठनात्मक शिक्षा पर केंद्रित और दूसरा रणनीति, प्रबंधन और तकनीकी कौशल पर। हर दिन 10 से 12 घंटे सघन सत्र चलेंगे। कांग्रेस की रणनीति साफ है। 2028 की तैयारी अभी से शुरू की जाए। पार्टी मान रही है कि भाजपा की मजबूत जमीनी संरचना का मुकाबला तभी किया जा सकता है, जब जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठन को फिर से चुस्त-दुरुस्त किया जाए। इसलिए जिला अध्यक्षों को यह निर्देश भी दिया जाएगा कि वे हर महीने बूथ अध्यक्षों की बैठक लें और फील्ड में नियमित उपस्थिति दर्ज कराएँ। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह ट्रेनिंग औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि संगठन पुनर्निर्माण अभियान का अहम हिस्सा है। ट्रेनिंग के बाद जिला अध्यक्षों की कार्यक्षमता का मूल्यांकन भी होगा और उसी आधार पर आगे की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। कांग्रेस कमेटी ट्रेनिंग की मॉनिटरिंग करेगी
प्रदेश कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से भी आल इंडिया कांग्रेस कमेटी की टीम इस ट्रेनिंग की मॉनिटरिंग करेगी। गुजरात और मध्यप्रदेश में हाल ही में हुए प्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी ने वर्चुअल माध्यम से मार्गदर्शन दिया था। छत्तीसगढ़ में भी ऐसी संभावना जताई जा रही है कि वे या संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल जिला अध्यक्षों से ऑनलाइन संवाद कर सकते हैं। कांग्रेस के ट्रेनिंग कैम्प में परिवार की चरण-वंदना सिखाई जाएगी : केदार
कांग्रेस के 41 नवनियुक्त जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी के आने की अटकलों पर वन मंत्री केदार कश्यप ने निशाना साधा है। शुक्रवार को कश्यप ने कहा कि कांग्रेस में संगठनात्मक प्रशिक्षण के नाम पर परिवार की चरण-वंदना सिखाई जाती है। ट्रेनिंग कैम्प में भी कार्यकर्ताओं को ‘ट्रिपल टी’ (ट्रांसफर, टेंडर और टिकट) की सीख दी जाएगी। कश्यप ने कहा कि कांग्रेस का मूल राजनीतिक चरित्र झूठ बोलकर जनता को गुमराह करना और अराजकता फैलाना है। राहुल गांधी और कांग्रेस के केंद्रीय-प्रदेश नेता अपने कार्यकर्ताओं को भ्रम फैलाना और राज्य में अव्यवस्था उत्पन्न करना सिखाएंगे। युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के प्रशिक्षण शिविरों के बाद कई बार हिंसा, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हुई थीं। कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान भी सियासी नौटंकी है। कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा पहले से चरमराया हुआ है। जिलाध्यक्षों की नियुक्तियों में दिग्गजों के करीबी लोगों को ही तरजीह देकर गुटबाजी को बढ़ावा दिया गया है। दंतेवाड़ा जिलाध्यक्ष की नियुक्ति पर मचा घमासान कांग्रेस की अंदरूनी कलह का ताजा उदाहरण है।

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