किसानों को डीजल व बिजली की होगी बचत:मेज नदी पर प्रदेश की पहली सोलर लिफ्ट सिंचाई परियोजना का काम पूरा, 98% लाइन डल चुकी, इसी माह होगी टेस्टिंग

फोलाई-गेंडौली पंचायत के 17 गांवों के 25 हजार किसानों के लिए नया साल 2025 खुशियां लेकर आ रहा है। जिले की सबसे लंबी मेज नदी पर प्रदेश की पहली सोलर लिफ्ट सिंचाई परियोजना का काम पूरा हो गया है। यह राजस्थान की पहली ऐसी परियोजना है, जहां नदी से सोलर सिस्टम द्वारा किसानों को निशुल्क पानी मिलेगा और बिजली का उत्पादन होगा। खास बात यह भी है कि सिंचाई विभाग 8 माह तक डिस्कॉम को बिजली का उत्पादन कर लाइट बेच सकेगा। पानी लिफ्टिंग के लिए 167 किलोवाट के 2 सोलर प्लांट बनाए गए हैं। इसमें 522 सौर ऊर्जा की प्लेटें लगाई गई हैं। जनवरी माह में परियोजना की टेस्टिंग होगी। इसके बाद किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए पानी मिलना शुरू हो जाएगा। नए साल में 52 करोड़ रुपए की परियोजना से 2 पंचायतों के किसानों को राहत मिलेगी। वर्तमान में किसान सालाना सिंचाई पर 7 करोड़ 50 लाख रुपए डीजल व बिजली पर खर्च कर देते हैं। इससे अब राहत मिलेगी। ^लंबी दूरी होने से लाइन डालने में देर हुई है, कई जगह पोल लगाने का विरोध भी हुआ। अब तक 98% के करीब काम पूरा हो गया है। लाखेरी में अंडरग्राउंड लाइन डालने का काम चल रहा है। वहीं, प्लांट पर ट्रांसफार्मर व पावर ट्रांसफार्मर लगाने हैं। जनवरी माह में कनेक्शन हो जाएगा। -केके शुक्ला, एसई, डिस्कॉम कार्यालय 3 पंप 24 घंटे चालू रहेंगे लोहली गांव स्थित मेज नदी पर 6-6 मीटर के दो कुएं किनारे पर बनाए हैं। यहां से पानी साफ होकर 72 मीटर दूर 2 कुओं में पहुंचेंगे। यहां 170 एचपी के 4 पंप लगाए हैं। 3 पंप तो 24 घंटे चालू रहेगे, 1 स्पेयर में रहेगा। यहां से 7 गांवों के 1987.84 हैक्टेयर खेतों में 10 किमी और नया पंचायत के 10 गांवों के 1997.78 हैक्टेयर खेतों में 12 किमी में डीआई पाइप लाइन बिछाई है। पंप रूम से सिचाई के लिए एचडीपीई पाइप बिछाए हैं। 4 हजार हैक्टेयर में 488 प्वाइंट बनाए गए हैं। “लिफ्ट परियोजना का काम संवेदक ने कम स्पीड से किया है, संवेदक पर ढाई करोड़ की पैनल्टी लगाई है। फिर लाइट कनेक्शन नहीं होने से काम रुका हुआ था। इस माह लाइट का कनेक्शन हो जाएगा, जनवरी के अंत तक टेस्टिंग होगी। इसके बाद किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलना शुरू हो जाएगा। फसलों को पानी की कमी नहीं होगी।” -दीपक चतुर्वेदी, एईएन, जल संसाधन विभाग

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