प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ अस्पतालों में व्यवस्थाओं में सुधार के लिए लगातार औचक निरीक्षण कर रही हैं। एसएमएस अस्पताल में मरीजों का भार कम करने के लिए प्रताप नगर स्थित आरयूएचएस अस्पताल में सुपरस्पेशलिटी कार्डियो, न्यूरो, यूरोलॉजी एवं गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी के लिए अलग से ब्लॉक बनेंगे। जिससे मरीजों को एक ही जगह इलाज की सुविधा मिल सकेगी। साथ ही मैनपावर की कमी भी दूर होगी। गायत्री राठौड़ ने शुक्रवार को आरयूएचएस अस्पताल में जांच, दवा एवं व्यवस्थाओं के साथ आउटडोर, इमरजेंसी यूनिट, आईसीयू एवं वार्ड का भी औचक निरीक्षण किया। मरीजों से फीडबैक भी लिया। चिकित्सक एवं स्टाफ की उपस्थिति के लिए बायोमीट्रिक अटेंडेस सिस्टम लागू करने की बात कही और अधिकारियों को निर्देश दिए। मीटिंग में आरयूएचएस के कुलपति डॉ. प्रमोद येवले, चिकित्सा शिक्षा विभाग के संयुक्त शासन सचिव ललित कुमार, आयुक्त ( मेडिकल शिक्षा) नरेश गोयल, आरयूएचएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. महेश मंगल समेत अनेक डॉक्टर उपस्थित थे। गायत्री राठौड़ ने मां योजना के काउंटर और पंजीकरण केन्द्र पर पात्र मरीजों को लाभ मिलने, सीनियर रेजिडेंट की सेवाएं लेने के निर्देश दिए। वहीं, प्रदेश के बड़े अस्पतालों में मरीजों को क्वालिटी युक्त इलाज एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जयपुरिया अस्पताल की तर्ज पर क्यू मैनेजमेंट सिस्टम एवं हेल्प डेस्क व्यवस्था लागू की जाएगी। गायत्री राठौड़ के जयपुरिया अस्पताल में निरीक्षण के दौरान संविदा पर नर्सिंग कर्मचारियों को मौके पर ही नौकरी पर वापस रखने के आदेश दिए। पुराना टेंडर तुरंत प्रभाव से निरस्त कर नया टेंडर जारी करने के साथ ही संबंधित अधिकारी को आज से पुराने कर्मचारियों की सेवाएं निरंतर रखने के निर्देश दिए। सैटेलाइट बनीपार्क मामले में अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी सैटेलाइट बनीपार्क अस्पताल में 9 साल से सामान्य आपरेशन नहीं होने के मामले में मेडिकल शिक्षा सचिव गायत्री राठौड़ ने अस्पताल के अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है। एसएमएस अस्पताल पर मरीजों का भार कम करने के लिए यहां पर किस तरह से मरीजों को क्वालिटी केयर मिल सकती है। इसके अलावा जांच एवं इलाज की सुविधाओं में किस तरह से विस्तार से किया जा सकता है। भास्कर में 4 दिसंबर को दो साल से सामान्य ऑपरेशन बंद, आर्थोपेडिक्स-ENT डॉक्टर ही नहीं शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।


