जिले में कड़ाके की सर्दी शुरू हो गई है। तेज़ी से गिरते तापमान और कंपकंपाती हवाओं से न केवल आमजन परेशान है, बल्कि गौशालाओं में रहने वाले गोवंश की जान को भी सर्दी सताने लगी है। इससे छोटे, कमजोर और बुजुर्ग पशु ठंड के कारण बीमार पड़ने या मृत्यु के शिकार हो सकते हैं। इस स्थिति में गोपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने विशेष निर्देश जारी किए है। अगर इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो ठंड से होने वाली बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं और गोवंश की मृत्यु तक हो सकती है। शीत परामर्श में स्वास्थ्य, खान-पान, आश्रय और देखभाल से लेकर आपातकालीन प्रबंधन और जागरूकता तक हर पहलू को शामिल किया गया है। गोपालकों और गौशाला संचालकों से अपील की गई है कि वे इन सभी निर्देशों का पालन करें और अपने पशुओं को ठंड से बचाएं। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि सर्दी से गोवंश बीमार होता है या मृत्यु होती है तो इसके लिए गौशाला संचालक जिम्मेदार होंगे। इस संबंध में संयुक्त निदेशक डॉ. रामकिशन महावर ने बताया कि यह सिर्फ सलाह नहीं, बल्कि गोवंश की जान बचाने के लिए अनिवार्य कदम हैं। पशुओं को ठंड से बचाने के लिए लगातार जागरुकता अभियान चला रहा है। सभी गोपालक और गौशाला संचालक निर्देशों का पालन करें। . टीकाकरण अनिवार्य: हर पशु का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण करें। परजीवी नियंत्रण: डॉक्टर की सलाह से नियमित कृमिनाशक दवा और डस्टिंग करवाएं। बीमार पशु अलग करें: कोई भी पशु बीमार दिखाई दे तो तुरंत अलग करके इलाज कराएं। खुरों की देखभाल: नियमित ट्रिमिंग और तेल लगाकर सूखने से बचाएं।


