गांधी मेडिकल कॉलेज(जीएमसी) में गुरुवार रात करीब 1:30 बजे एमबीबीएस छात्रों के बीच हुए विवाद ने अचानक गंभीर रूप ले लिया। कुछ ही मिनटों में डे-स्कॉलर और हॉस्टलर्स आमने-सामने आ गए। मामला इतना बढ़ा कि मारपीट रॉड और डंडों तक पहुंच गई। जानकारी के अनुसार, एम्स के रेटिना फेस्ट से लौटे छात्रों के बीच जीएमसी परिसर के सुधामृत कैफे के पास विवाद छिड़ गया था। बताया जा रहा है कि 2024 बैच के छात्र पारस मरैया पर 2023 और 2024 बैच के करीब 15 छात्रों ने हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे डॉ. शैलेष चौधरी पर भी छात्रों ने हमला कर दिया। गंभीर हालत के चलते उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया। घटना से कैंपस में हड़कंप मच गया। छुट्टी कराकर घर चला गया पारस
विवाद के दौरान छात्र पारस मरैया को कंधे, हाथ और पैर में चोट आई। उनका उपचार होने के बाद शुक्रवार को उन्हें डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया। हॉस्टल सूत्रों के अनुसार वीडियो में दिख रहे सभी छात्रों को नोटिस जारी किया गया है, लेकिन इस मामले में केवल 4-5 छात्र ही सीधे संदिग्ध हैं। बाकी छात्र बीच-बचाव या रात में कुछ खाने के लिए वहीं खड़े थे। यह 15 छात्र निलंबित 2023 बैच:
1. अमन पांडे
2. देव रघुवंशी
3.विवेक मालवीय
2024 बैच:
4. पार्थ पाटीदार
5.शशांक पाटीदार
6.निखिल गौड़
7.पुष्पेंद्र कैन
8.ओम बजाज
9.आदर्श चौधरी
10.ऋषभ दामने
11.मधुर तिवारी
12.शिवम महावर
13.राहुल धाकड़
14.एकलेश धाकड़
15. अजय ब्राह्मणे हॉस्टल और कॉलेज परिसर में प्रवेश पर रोक
2024 बैच के हॉस्टलर्स का एक कमरा 2023 बैच के सीनियर छात्रों ने कब्जे में ले लिया था। इसे लेकर दो दिनों से दोनों बैच के एमबीबीएस छात्रों के बीच तनाव बना हुआ था। एम्स में रेटीना फेस्ट के दौरान भी इसी मुद्दे पर कहासुनी हुई थी। 1 साल में 36 घटनाएं हो चुकीं, सुरक्षा के सारे इंतजार धरे के धरे रह गए…


